कोरोना की गंभीर स्थिति से बचने का सबसे अच्छा उपाय वैक्सीनेशन: कलेक्टर श्री डोमन सिंहहोम आइसोलेशन के प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने वालों पर करें कार्रवाई
06 मई 2021
कोरोना की गंभीर स्थिति से बचने का सबसे अच्छा उपाय वैक्सीनेशन: कलेक्टर श्री डोमन सिंह
होम आइसोलेशन के प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने वालों पर करें कार्रवाई
महासमुंद 06 मई 2021 / कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। कोरोना से सुरक्षा के लिए जारी दिशा-निर्देशों एवं प्रोटोकॉल का सभी स्तरों में पालन होना चाहिए। शासन के निर्देशानुसार सीमावर्ती क्षेत्र को सील किया गया है। अन्य राज्य से आने वाले सभी यात्रियों का निगेटिव रिपोर्ट एवं सैम्पलिंग लिया जा रहा है। इन यात्रियों की जानकारी पंजी में संधारित करें। जिससे प्रतिदिन आने वाले लोगों की संख्या की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के वैक्सीनेशन लगाने वालों की संख्या में लगातार प्रगति लाएं। नागरिकों को यह समझाईश दें कि स्वास्थ्य विभाग, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वैक्सीन लगाएं हैं, वे सुरक्षित होकर लगातार कार्य कर रहे हैं।
कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने कहा कि गांवों में सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर वैक्सीनेशन के बारे में लोगों को जागरूक करें। जिन स्थानों पर वैक्सीनेशन किया जा रहा है इसकी सूचना पहले दी जाए। साथ ही सभी सामुदायिक केन्द्रों में वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्ति जिन्होंने टीका का पहला डोज लगाया है उन्हें भी दूसरे डोज के लिए प्रेरित करें। कोरोना की गंभीर स्थिति से बचने का सबसे अच्छा उपाय वैक्सीनेशन है। जिन लोगों को वैक्सीन लगाया जा रहा है उनसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन लगातार संपर्क कर स्वास्थ्य की जानकारी लें। सर्दी, खांसी, बुखार लक्षण वाले मरीज, गर्भवती माताओं को वैक्सीन नहीं लगाना है। कुछ व्यक्तियों द्वारा टीकाकरण का दुष्प्रचार किया जा रहा है तथा इसके प्रति भ्रांति फैलाई जा रही हैं, उन पर विशेष निगरानी रखें। वैक्सीनेशन कराने वाले सभी व्यक्तियों का रिकार्ड सुरक्षित रखें।
उन्होंने कहा कि जिन गांवों में कोविड-19 के केस अधिक आ रहे हैं उन गांवों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। गांव में होम आइसोलेशन में रहने वाले नागरिक प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं तथा पॉजिटिव होने पर भी बाहर घूम रहे हैं, ऐसे लोगों पर कार्रवाई करें तथा इसका कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। इसके लिए पुलिस तथा अन्य अधिकारियों की मदद लेकर कार्य करें। पॉजिटिव आने वाले मरीजों के घरों के सामने मार्किंग करें। जिन घरों में पॉजिटिव मरीज आ रहे हैं और होम आइसोलेशन के मापदण्ड के अनुसार सुविधा नहीं है ऐसे मरीजों को कोविड केयर सेंटर में रखना सुनिश्चित करें। जिन गांवों में एक-दो केस है वहां मरीजों को कोविड केयर सेंटर में रखें साथ ही अधिक केस आने वाले गांवों में कोविड केयर सेंटर बनाकर सभी मरीजों को रखा जाए। जिससे पूरे गांव को संक्रमित होने से बचाया जा सके। ऐसे गांव जहां कोविड-19 के केस नहीं है उन गांवों में मनरेगा के कार्य सुनिश्चित करें। वन क्षेत्रों में तेन्दूपत्ता संग्रहण तथा विक्रय का कार्य किया जाएगा। उन स्थानों पर कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। इन जगहों में भीड़ नहीं होनी चाहिए।
क्रमांक/31/1918
समाचार
कोरोना काल में रेडी-टू-ईट-फुड का किया जा रहा वितरण
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के द्वारा घर-घर जाकर कोरोना वैक्सीन लगाने ग्रामीणों को किया जा रहा प्रेरित
गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों के घर गृह भेंट कर परामर्श सेवा भी दे रही हैं आॅगनबाड़ी के कार्यकर्ता एवं सहायिका
महासमुंद 06 मई 2021 / कोरोना के बढ़ते संक्रमण के नियंत्रण के लिए राज्य शासन द्वारा जारी निर्देशानुसार कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित 1780 आंगनबाड़ी केन्द्रों के कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं के माध्यम से 06 माह से 03 वर्ष के बच्चों तथा 03 वर्ष से 06 वर्ष के बच्चों, गर्भवती महिलाएं, शिशुवती महिलाओं एवं गंभीर कुपोषित बच्चों के लिए उनके घर-घर जाकर रेडी-टू-ईट का वितरण किया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास के कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि 06 माह से 03 वर्ष के बच्चों एवं 03 वर्ष से 06 वर्ष के बच्चों को 750-750 ग्राम, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को 100 ग्राम तथा गंभीर कुपोषित बच्चों को 1200 ग्राम का रेडी-टू-ईट पैकेट का वितरण पहले एवं तीसरें मंगलवार को किया जा रहा है। ताकि पूरक पोषण आहार का लाभ लाॅकडाउन के दौरान भी हितग्राहियों को मिलंे। इसके अलावा सभी गर्भवती महिलाओं एवं कुपोषित बच्चों के घर गृह भेंट कर परामर्श सेवा भी प्रदाय किया जा रहा है।
इसके अलावा कोरोना काल में प्रतिदिन आंगनबाड़ी केन्द्रों की साफ-सफाई, टीकाकरण कार्य, वजन यंत्र, यूएचएसएनडी, कंटेमनमेंट जोन में एक्टिव सर्विलांस तथा कांटेक्ट ट्रेसिंग मंे भी सहयोग प्रदाय किया जा रहा है। सजग अभियान अंतर्गत पालकों को आॅडियों के माध्यम से आवश्यक जानकारी भी प्रदान किया जा रहा है। कोरोना महामारी के संकट काल में कोविड-19 के नियमों का पालन करते हुए सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिकाओं द्वारा अपने कर्तव्य का बेहतर क्रियान्वयन करते हुए ग्रामीणों एवं नगरीय क्षेत्र के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाओं के द्वारा कोरोना टीका लगाने तथा लोगों को कोरोना से बचाव के लिए मास्क के उपयोग करने, सामाजिक दूरी बनाए रखने, नियमित हाथ साबुन से धोने एवं अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचने की सलाह भी दिया जा रहा है।
क्रमांक/32/1919
समाचार
जिले के सभी चिकित्सालय सुनिश्चित करें कि चिकित्सालयों में
आग लगने की घटना न हो: कलेक्टर
कोविड केयर संेटरों में फायर सेफ्टी की व्यवस्था का निरीक्षण कर
प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराएं: कलेक्टर श्री डोमन सिंह
महासमुंद 06 मई 2021 / कोरोना वायरस कोविड-19 संक्रमित मरीजों के ईलाज के लिए जिला मुख्यालय एवं विकासखण्ड मुख्यालय में कोविड केयर सेंटर बनाया गया है। कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने अस्पतालों में आग लगने की बढती घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए इन पर रोक लगाने के लिए एक कार्य योजना तैयार करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि देश के अन्य राज्यों एवं जिले में अस्पतालों में आग लगने की बढ़ती घटनाओं और गर्मियों के मौसम को देखते हुए जिले के शासकीय चिकित्सालयों में भी यह सुनिश्चित किये जाने की जरूरत है कि इन घटनाओं को रोकने के लिए कार्य योजना तैयार की जाए। ताकि महासमुन्द जिले के चिकित्सालयों में आग लगने की घटना न हो।
कलेक्टर श्री डोमन सिंह ने अग्नि दुर्घटना सहित अन्य अप्रिय घटना से बचने के लिए सभी कोविड केयर संेटरों में फायर सेफ्टी की व्यवस्था का निरीक्षण करने के निर्देश दिए है। इसके लिए संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय दण्डाधिकारी, नगरीय निकाय के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, अनुविभागीय अधिकारी (विद्युत यांत्रिकी) एवं जिला सेनानी, नगर सेना महामसुन्द को अपने-अपने क्षेत्र का निरीक्षण कर प्रतिवेदन एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए है।
क्रमांक/33/1920