मजदूरों की परेशानी का कोई अंत नहीं बढ़ती जा रही मुश्किलें प्रवासी मजदूर हैं परेशान
21 मई 2020
मधुसूदन चौहान की रिपोर्ट
महासमुंद | कोरोना वायरस अर्थात कोविड19 महामारी के चलते राज्य से अन्य राज्य कार्य करने गए प्रवासी मजदूरों को खासा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है कुछ मजदूर तो पैदल ही घर वापसी के लिए निकल पड़े हैं तो कुछ बसों ट्रकों एवं अन्य कुछ साधनों से घर वापसी के लिए निकले हैं जिनको रास्ते में बहुत परेशानियों का सामना करना पढ़ रहा है कई प्रवासी मजदूर तो भूखे प्यासे ही आ रहे हैं एवं रास्ते में कोई साधन ना मिलने की वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है साथ ही भोजन कई जगह ना मिलने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है ऐसे में कोरना वारियर्स की टीम द्वारा कई जगह उनकी सहायता की जा रही है एवं इसके साथ ही पुलिस प्रशासन की टीम भी ऐसे प्रवासी मजदूरों की सहायता करने से पीछे नहीं हट रहे वह भी जगह-जगह टीम बनाकर प्रवासी मजदूरों को भोजन व अन्य खाद्य पदार्थ प्रदान कर उनके प्रवास को आसान बनाने में जुटी है ऐसे ही महासमुंद जिले के बसना ब्लॉक में भारत स्काउट गाइड संघ के द्वारा प्रवासी मजदूरों की सहायता की जा रही है प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों से आ रहे हैं जिनका टेस्ट भी किया जा रहा है तत्पश्चात राज्य में प्रवेश कराया जा रहा है जिससे कोरोना संक्रमण के रोकथाम में मदद मिलेगी
8 अ प्रैल से भारत स्काउट्स/गाइड्स संघ के कोरोना वारियर द्वारा लॉकडाउन के दौरान बसना के विभीन्न वार्डों में सेवाऐं दे रहे हैं। एवं लोगों की भरपूर सहायता कर रहे हैं उनका यह कार्य सराहनीय है वे एक सच्चे देशभक्त की तरह अपनी परवाह न करते हुए को रोना warriors के रूप में लोगों की हर संभव सहायता कर रहे हैं जिसमें पुर्वान्ह में बाहर से आए लोगों का पता कर सामुदायिक स्वास्थ्य कार्यालय में जांच करवाने के उपरांत उनको निर्देशानुसार एक्जीट कोरोन्टीईन या होम कोरोन्टाईन किया जाता है । अपरान्ह में बसना के। विभिन्न वार्डों में सुखा राशन वितरण के कार्य नगर पंचायत बसना में सहयोग प्रदान किये। लॉकडाउन के चौथे चरण में विभिन्न प्रदेशों से ट्रक, बस , मालवाहक गाडियों सायकल , ऑटो, आदि में प्रवास कर रहे लोगों को बसना राहत शिविर में निशुल्क भोजन, नास्ता, पानी पाउच वितरण में सेवाऐं दे रहे हैं। इस तरह से लोगों वह प्रवासी मजदूरों की सहायता कर रहे हैं ।जिसमें मुख्य रूप से विवेकानंद दास, विजय शंकर विशाल, अनिल सिंह साव, गजानंद भोई, गिरिश गजेन्द्र का योगदान ह ।