पशु तस्करों से पुलिस की मुठभेड़, एक बदमाश घायल, दूसरा गिरफ्तार भैंस चोरी की वारदात का खुलासा, तमंचा, कारतूस, बाइक व नकदी बरामद ललितपुर। जनपद के थाना नाराहट क्षेत्र में पशु तस्करों और भैंस चोरी करने वाले बदमाशों के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना नाराहट पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान एक अभियुक्त को घायल अवस्था में गिरफ्तार किया, जबकि उसके साथी को मौके से दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, पल्सर मोटरसाइकिल और नकदी बरामद की है। पुलिस अधीक्षक मो. मुश्ताक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध विरोधी अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक कालू सिंह एवं क्षेत्राधिकारी पाली अजय कुमार के पर्यवेक्षण में थाना नाराहट पुलिस ने यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार थाना नाराहट में दर्ज मुकदमा संख्या 118/2026 धारा 303(2) भादवि के तहत वांछित अभियुक्त अरबाज पुत्र आजाद निवासी ग्राम उत्तमधाना थाना जाखलौन को पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल कर गिरफ्तार किया गया। वहीं उसके साथी हाशिम पुत्र शौकीन निवासी ग्राम उत्तमधाना थाना जाखलौन को पाड़ू वन क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। तीन भैंस, पड़ा और पड़िया चोर...
“₹30 की जगह ₹300 तक वसूली!”ललितपुर में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर जनता से खुलेआम लूट?सरकार ने तय की फीस, फिर भी सीएससी सेंटरों पर मनमानी जारी — गरीब, छात्र और मजदूर सबसे ज्यादा परेशान
ललितपुर। डिजिटल इंडिया और जनसेवा की योजनाओं को लेकर सरकार लगातार दावे कर रही है कि आम जनता को पारदर्शी और सस्ती ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है। जनपद ललितपुर सहित प्रदेश के कई हिस्सों में संचालित सीएससी (कॉमन सर्विस सेंटर) और जन सेवा केंद्रों पर जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर गरीब और जरूरतमंद लोगों से मनमाने तरीके से अवैध वसूली किए जाने के आरोप तेजी से सामने आ रहे हैं। सरकारी नियमों के अनुसार ई-डिस्ट्रिक्ट एवं ई-साथी पोर्टल के माध्यम से जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के लिए निर्धारित शुल्क लगभग ₹15 है, जबकि सीएससी केंद्रों के माध्यम से सेवा शुल्क जोड़कर लगभग ₹30 तक फीस तय मानी जाती है। इसके बावजूद कई स्थानों पर लोगों से ₹100, ₹200 यहां तक कि ₹300 तक वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब शासन ने फीस तय कर रखी है तो आखिर अतिरिक्त वसूली किसके संरक्षण में हो रही है? और जिम्मेदार विभाग अब तक मौन क्यों हैं? ग्रामीण और गरीब वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र आज...