माँ केवल एक शब्द नहीं… माँ वह शक्ति है, जो अपने बच्चों की हर तकलीफ़ को खुद पर ले लेती है… माँ वह ममता है, जो बिना किसी स्वार्थ के पूरी जिंदगी अपने परिवार के लिए समर्पित कर देती है… माँ वह आशीर्वाद है, जिसके चरणों में पूरी दुनिया की खुशियाँ छुपी होती हैं। बंजारा समाज की संस्कृति, संस्कार और परंपराओं की असली पहचान हमारी मातृशक्ति है। माँ ही वह पहली गुरु है, जो हमें बोलना सिखाती है, चलना सिखाती है और जीवन में संघर्ष करना सिखाती है। उनकी ममता में भगवान बसते हैं और उनके आशीर्वाद से ही जीवन सफल बनता है। आज का यह पावन अवसर उन सभी माताओं को समर्पित है — जो अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन-रात संघर्ष करती हैं… जो खुद दुख सहकर परिवार के चेहरे पर मुस्कान लाती हैं… जो तान्डों और समाज की संस्कृति को पीढ़ी दर पीढ़ी जीवित रखे हुए हैं… और जो हर परिस्थिति में अपने परिवार की सबसे बड़ी ताकत बनकर खड़ी रहती हैं। माँ की ममता से बड़ा कोई धन नहीं, माँ के आशीर्वाद से बड़ी कोई ताकत नहीं! "जब-जब कागज़ पर लिखा मैंने ‘माँ’ का नाम, कलम अदब से बोल उठी — हो गए चारों धाम!" "ह...
अनुकंपा नियुक्ति शिक्षा कर्मी कल्याण संघ के परिजन अपनी अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर मुख्यमंत्री से भेंट मुलाकात दिनांक 7/5/2026 दिन गुरुवार दिवंगत पंचायत शिक्षक के पीड़ित परिजन अनुकंपा संघ की प्रदेश अध्यक्ष माधुरी मृगे, कार्यकारिणी सदस्य कुमुदिनी साहू बीजेपी सरकार के प्रदेश प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास जी सीएम हाउस में माननीय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी से भेंट मुलाकात करते हुए जल्द अनुकंपा नियुक्ति के आदेश की चर्चा किए मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार की व्यथा को सुनते हुए जल्द अधिकारियों को निर्देश दिए सीएम हाउस में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव जी से भी अनुकंपा विषय पर चर्चा की गई उन्होंने भी जल्द आदेश का आश्वासन दिए हैं कि जल्द समाधान होगा