रायगढ़, 25 मार्च 2026/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मयंक चतुर्वेदी द्वारा छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (क्रमांक 3, 1987) की धारा 3 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आगामी ग्रीष्म ऋतु में पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संपूर्ण रायगढ़ जिले को 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है। आदेश के अनुसार अधिनियम की धारा 6 के तहत जिले में सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना कोई भी नया नलकूप, पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन हेतु खनन नहीं किया जा सकेगा। हालांकि, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सहित शासकीय एजेंसियों को पेयजल आपूर्ति के लिए आवश्यकतानुसार नलकूप खनन की अनुमति दी गई है। इसके अंतर्गत नगर निगम, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायत अपने-अपने क्षेत्र में केवल पेयजल हेतु नलकूप खनन कर सकेंगे, जिसकी सूचना संबंधित प्राधिकृत अधिकारी को देना अनिवार्य होगा। आदेश में यह भी उल्लेखित है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नलकूप खनन के लिए अनुमति प्रदान हेतु अनुविभागीय अधिकारी (राजस...
*सारंगढ़ जिले के किसान भी करेंगे मधुमक्खी पालन, नवीन तकनीकियो से 50 कृषकों ने लिया प्रशिक्षण* साईंस वाणी न्यूज़ हीरासेन खरे इंदिरा गाँधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल जी के मार्गदर्शन में डॉ. विवेक त्रिपाठी (निदेशक अनुसन्धान संचालक) एवं डॉ. एस.एस. टुटेजा (निदेशक विस्तार सेवाएँ) के निर्देशन में “ राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन एवं शहद मिशन ” के तहत् कृषि विज्ञान केंद्र –बोइरदादर रायगढ़ द्वारा दिनांक- 19.03.2026 से 25.03.2026 तक सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के 50 महिला एवं पुरुष कृषकों हेतु 7 दिवसीय प्रशिक्षण सह अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया | जिसका समापन समारोह दिनांक- 25.03.2026 को डॉ. संजय कन्नौजे, कलेक्टर एवं जिलाधीश, संजय भूषण पांडे, अध्यक्ष जिला पंचायत सारंगढ़ , उमेश साहू, डिप्टी कलेक्टर, जिला- सारंगढ़-बिलाईगढ़ की गरिमामय उपस्थिति में संपन्न हुआ | उक्त कार्यक्रम में डॉ. बी.एस.राजपूत, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, कृषि विज्ञान केन्द्र – रायगढ़, आशुतोष श्रीवास्तव, उप संचालक कृषि, आकांक्षा उपाध्याय, सहायक संचालक उद्यानिकी, जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़, डॉ. के....