13 मई, रायगढ़ । रायगढ़ जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी और उससे जुड़े आर्थिक अपराधों पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए रायगढ़ पुलिस ने एक संगठित सट्टा सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में साइबर सेल, कोतवाली और अन्य पुलिस टीमों द्वारा की गई विस्तृत जांच में यह खुलासा हुआ कि जिले में संचालित ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा केवल जुए तक सीमित नहीं था, बल्कि इसके जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन, ब्लैक मनी के संचलन, हवाला नेटवर्क और आर्थिक अपराधों का पूरा संगठित तंत्र सक्रिय था। इस कार्रवाई में पुलिस ने सट्टे से अर्जित अवैध धन को वैध स्वरूप देने के प्रमाण जुटाते हुए तीन प्रमुख आरोपियों—करन चौधरी, पुष्कर अग्रवाल और सुनील अग्रवाल—को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 2 लाख 81 हजार 300 रुपये नकद, एक नोट गिनने की मशीन, चार मोबाइल फोन तथा अन्य सामग्री सहित कुल *1 करोड़ 3 लाख 86 हजार 300 रुपये की संपत्ति* जब्त की गई है। 🔹*जाने पूरा मामला*- पूरा ज्ञात हो कि दिनांक 26 अप्रैल को साइबर सेल, थाना ...
खरसिया अडानी और भाटिया राजेंद्र कोलवॉशरी की मनमानी से फूटा ग्रामीणों का गुस्सा मासूमों का निवाला तक हुआ जहरीला, सड़क बनी मौत का जाल! अब सड़क नहीं बनी तो होगा महाआंदोलन
*खरसिया* ब्लॉक के नवागांव, पामगढ़, राजघट्टा, छोटे डूमरपाली और बड़े डूमरपाली के ग्रामीण आज ऐसी बदहाल जिंदगी जीने को मजबूर हैं, जहां हर दिन धूल, बीमारी, डर और हादसों के बीच गुजर रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजघट्टा ग्राम पंचायत में स्थित भाटिया राजेंद्र कोलवॉशरी कंपनी और बड़े डूमरपाली में संचालित अडानी रेलवे साइडिंग से निकलने वाले भारी-भरकम हाइवा वाहनों ने पूरे इलाके की जिंदगी तबाह कर दी है। दिन-रात दौड़ती सैकड़ों गाड़ियों ने सड़क को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है। सड़क अब सड़क नहीं, बल्कि गड्ढों और धूल का ऐसा जाल बन चुकी है, जहां हर कदम पर हादसे का खतरा मंडराता है। ग्रामीणों का कहना है कि कंपनियों के लिए यह सिर्फ कोयला ढुलाई का रास्ता होगा, लेकिन गांव वालों के लिए यही रास्ता अब “मौत का रास्ता” बन चुका है। “सुबह उठते हैं तो पानी में धूल, खाना खाते हैं तो निवाले में धूल” ग्रामीणों की पीड़ा सुनकर किसी का भी दिल दहल जाए। लोगों का कहना है कि सुबह घर में रखे पानी के बर्तनों तक में धूल की परत जमी रहती है। खाने-पीने की चीजें, कपड़े, घर का सामान — सब कुछ धूल से पट जाता है। छोटे बच्चों से ले...