नक्सल भय के बाद भी अंदरुनी इलाके में कुपोषण से जंग जीतने के लिए तैयार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता।
22 मई 2020
बीजापुर - कोविंड 19 संक्रमित भयानक महामारी के चलते इस समय परेशानी झेलनी पड रही है आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा अंदरूनी क्षेत्रों में अपनी जान को जोखिम डालते हुऐ नक्सलगढ़ पहुंच कर अपनी सेवायें देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है।वहीं लाकडाउन के बाद भी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा एनीमिक पोषक गर्भवती महिलाओं और कुपोषित से ग्रस्त बच्चों के घरों में दस्तक दे रही है आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने महिलाओं से ये भी कहा कि इस समय कोविंड 19 जैसी संक्रमण महामारी के चलते आंगनबाड़ी केंद्र को पूर्णतः बंद की गई सभी को सोशल डिस्टेंस का पालन करना भी जरूरी है।आपको बता दें कि बीजापुर जिला मुख्यालय से तकरीबन 40 किलो मी. दूरी के गंगालूर क्षेत्र के बीहड़ अतिसंवेदन शील क्षेत्र में गोंगला बसा है वहीं नक्सलगढ़ में कार्य कर रही गंगालूर क्षेत्र गोंगला के आंगनबाड़ी केंद्र की आंगन बाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती उर्मिला झाडी ने पत्रकारों को बताया है कि गोंगला गांव की डेढ साल की बच्ची रिया जन्म से कुपोषित थी।रिया की मां रीना कुमेर को कुपोषित होने का कारण बताया गया उसके बाद रीना कुमेर को रिया के साथ बीजापुर हास्पिटल में एन आर सी में दाखिल होने की बात कही किन्तु रिया की मां अस्पताल जाने से इंकार किया किसी तरह से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के द्वारा रिया और उनकी मां एन आर सी में भर्ती करवाया।कुछ दिनो के बाद कुपोषित रिया का शरीर मध्यम अवस्था में आने लगा है आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उर्मिला आगे बताती है कि कुपोषण से अंदरूनी क्षेत्रों में अधिकांश बच्चे कुपोषित है। अगर कुपोषण से निजात पाना है तो गर्भवती मातायें ,एनीमिक महिला में पोषक माताओं को खासकर ग्राम भोजन देना आवश्यक है बच्चों को किसी तरह से लक्षण दिखाई दें तों उस बच्चे को तुरंत एन आर सी में भर्ती करवाया जाना चाहिए जिससे बच्चों को कुपोषित से निजात मिल सके इस समय पूरे देश में एक तरफ कोरोना वायरस जैसी महामारी के चलते आंगनबाड़ी केंद्र को बंद रखा है और हितग्राहियों के घर घर में पहुंच कर सेवा दे रही हूं। लेकिन कुपोषण से जंग जीतने के लिए हम पूरी तरह से तैयार हैं। वर्तमान में रिया और रिया की मां को रेडी टू ईट अंडे चिक्की सुखा राशन दिया जा रहा है।
" इस सम्बंध में जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी लुपेन्द्र महिनाग ने बताया है कि कोविंड 19 संक्रमित महामारी चलते के आंगनबाड़ी केंद्रो को बंद रखा गया है और लाकडाउन के बाद भी महिला एवं बाल विकास विभाग के द्वारा शासन की योजनाओं और अभियानों को प्रभावित होने नही दिया गया है,बस कार्य करने का तरीका में बदलाव हुआ है आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के द्वारा घर घर जाकर अपनी सेवायें दे रही है कुपोषित बच्चों ,एनीमिक, गर्भवती महिलाओं को सूखा राशन के रूप में पोष्टिक आहार उनके घरों में पहुंचाया जा रहा है। ,,