तमनार तहसील कार्यालय में उडी लॉक डाउन की धज्जियां
22 मई 2020
रायगढ़ जिले के तमनार तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बजरमुड़ा में अभी अभी अडाणी कंपनी स्थापित हुई है जहां पर की तड़के गुरुवार को तमनार तहसील में कंपनी प्रबंधन के मुकेश सक्सेना,अचेतानंद सिन्हा, आनंद विभोर ओर आठ-दस कर्मचारियों की मौजूदगी में बजरमुड़ा पंचायत के ग्रामीणों को विस्थापित करने के लिए बैठक रखी गई जिसमें तमनार एसडीएम अशोक मार्बल, तहसीलदार टीआर कश्यप ओर नायब तहसीलदार पटेल मेडम ने जब देश दुनिया में वैश्विक महामारी से जुझ रहे हैं तो ऐसे में इन गैरजिम्मेदार अधिकारियों को कंपनी के लिए मीटिंग रखने की कौन सी हड़बड़ी थी ये समझने वाली बात है ओर बैठक रखें है तो कम से कम इन अधिकारियों को सोशल डिस्टेंसिंग नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए दिख रहे हैं और कुछ लोग तो मास्क भी नहीं लगाएं है जबकि भारत सरकार की गाइडलाइंस के हिसाब से कम से कम छः से आठ फीट की दूरी बनाएं रखने के आदेश है जबकि इस कंपनी मीटिंग में दो फीट की दूरी भी नहीं है जो कि एक अपराध की श्रेणी में आता है लाकडाऊन चौथे चरण में रायगढ़ जिले के तमनार तहसील से लगें लैलूंगा ओर धरमजयगढ़ में जब कोरोना पाज़िटिव मामले सामने आ रहे हैं और इन घोर लापरवाह अधिकारियों की बदौलत कहीं रायगढ़ शहर ग्रीन जोन से रेड जोन में तब्दील हो जाएं तो कोई आश्चर्य की बात नहीं है क्योंकि इन जिम्मेदार अधिकारियों ने बिना किसी नियमों के बैठक रखी है और हमारे सूत्रों के हवाले से खबर आई है कि अडानी ग्रुप में कुछ बाहरी दलालों के माध्यम से बजरमुड़ा पंचायत के ग्रामीणों में औने-पौने दामों पर इनकी पैतृक संपत्ति हथियाने का षड्यंत्र भी चल रहा है जो बुद्धि जीवी है उन्हें तो मनमुताबिक रेट दिया जाएं और जो भोले-भाले आदिवासी है उन्हें उनके विस्थापित करने के लिए कंपनी के हिसाब से पैसे देकर ग्राम से खदेड़ा जाएं,हम आपको बता दें कि तमनार क्षेत्र पूरे छत्तीसगढ़ में ब्लैक डायमंड का विशाल भंडार से सुसज्जित है जिसे नेता और अधिकारी के दम पर दलालों के माध्यमों से कंपनी आदिवासि जमीन पर अवैध कब्जा कर चुके हैं इसलिए हमारी छत्तीसगढ़ सरकार से अपील है कि इस महामारी में आदिवासियों की जमीन को हथियाने का प्रयास ना करें नहीं तो बहुत भयंकर विरोध देखने के लिए तैयार रहें।
रिपोर्टर-अमरदीप चौहान।