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  📔 *पुस्तकें*📙 (मनहरण घनाक्षरी)  """""""""""""""""""""""

📔 *पुस्तकें*📙 (मनहरण घनाक्षरी) """""""""""""""""""""""

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  📔 *पुस्तकें*📙
 (मनहरण घनाक्षरी)
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पुस्तकें देती है ज्ञान,
सबको मिलें है मान,
इसी से है पहचान,
         पढ़िए पढ़ाइये।
💫📙
पाठ जब पढ़ता हूँ,
डगर मैंं बढ़ता हूँ,
नव - गीत गढ़ता हूँ,
          ये गुनगुनाइये।
📙💫
ज्ञान का भंडार मिला,
सत संसकार मिला,
जीवन आधार मिला,
       भूल मत जाइये।
💫📙
प्रीत रीत प्यार बहे,
सूचिता विचार बहे,
ज्ञान गंग - धार बहे,
        डूब के नहाइये।
        00000
मुझे जब पढ़ों तुम,
संग - संग कढ़ों तुम,
इतिहास गढ़ो तुम,
           डगर बनाइये।
💫📔
मुझे पढ़ धीर बनों,
जग तकदीर बनों,
और बलवीर बन,
         झंडा लहराइये।
📔💫
सबमें समान हूँ मैंं,
गुरूओं की मान हूँ मैंं,
ज्ञानियों की ज्ञान हूँ मैंं,
         मुझे अपनाइये।
💫📔
शब्द - शब्द पावन है,
विषय भी भावन है,
जैसे शुभ सावन है,
    ध्यान जो लगाइये।

(विश्व पुस्तक-दिवस
की शुभकामनाएँ💐)
  कुमार🙏🏼कारनिक
         "कुमार"
(छाल, रायगढ़, छग)
       २३अप्रैल
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