ना लगाओ नारीयों के दामन में दाग "
27 अप्रैल 2021
" ना लगाओ नारीयों के दामन में दाग "
ना लगाओ नारीयों के दामन में दाग,
यदि हुंकार भर लिया संसार की नारियां जाग जायेगी,
और शत्रु जायेगा तू भाग,
कब तक अस्मत लुटते अनाचार करते रहोगे,
किसी की बेबसी पर अत्याचार कर टूटते रहोगे,
सिसकियाँ भर-भर रोने लगी औरते तुम्हारे अनैतिक दुर्व्यवहार से,
स्वतंत्र मन से जी नहीं पा रहे तुम्हारे द्वेष दुराचार से,
हर वेदना पीड़ा समझती है नारियां,
आज देश दुनिया में व्यक्त असहनीय दर्द बयां करती नारियां ,
हर किसी का कोई ना कोई रिश्ता वास्तां है नारियां,
आजकल ना जाने पल - पल दुखद घटना पर ना मारो मुझे कहकर रो रही है नारियां,
हम भी किसी की बेटी, बहन, माॅ, ना जाने कितने स्वरूपो में है नारिया,
जीना चाहते है तुम्हारे समाज के अनुरूप है हम वही नारियां,
शोला बनकर उठ जाग रही लोहा बनकर नारियां,
अब जागरूक होकर लड़ रही है दुष्कर्मों से नारियां,
हाथ जोड़ प्रार्थना है मेरी मानव हो मानवता दिखाओ,
नारियो का नाम मिट जायेगा जग में दानव बनकर दानवता ना दिखाओ,
हर समाज में लाओ तुम सुधार,
नारीयो के प्रति द्वेष विचार से जीने वालो है तुमको धिक्कार,
मणीशंकर दिवाकर
(गदगद)
हास्य कवि
ग्राम-चंदनू तह व जिला बेमेतरा (छ.ग.)