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अनु.२१के अनुसार नागरिक को प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के संरक्षण के मद्देनजर कोरोना का टीका लगवाना व्यक्ति की स्वतंत्रता है जिसके लिए किसी व्यक्ति को राज्य द्वारा बाध्य नहीं किया जा सकता। सोर्स #RTIAct

अनु.२१के अनुसार नागरिक को प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के संरक्षण के मद्देनजर कोरोना का टीका लगवाना व्यक्ति की स्वतंत्रता है जिसके लिए किसी व्यक्ति को राज्य द्वारा बाध्य नहीं किया जा सकता। सोर्स #RTIAct

अनु.२१के अनुसार नागरिक को प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के संरक्षण के मद्देनजर कोरोना का टीका लगवाना व्यक्ति की स्वतंत्रता है जिसके लिए किसी व्यक्ति को राज्य द्वारा बाध्य नहीं किया जा सकता। सोर्स #RTIAct
Rti के तहत जानकारी मागने पर प्राप्त कापी
 जो बोलता है वेक्सीन नही लगाने पर सरकार के तरफ से सारी योजना बंद हो जायेगी, उसके मुह में तामाचा पड़ेगा।

रिपोर्ट -सुनील कुमार रात्रे 
: आपात् काल की स्थिति में अनु.२१ और और २० निलंबित नहीं किए जा सकते!
अनु.२१के अनुसार नागरिक को प्राण और दैहिक स्वतंत्रता के संरक्षण के मद्देनजर कोरोना का टीका लगवाना व्यक्ति की स्वतंत्रता है जिसके लिए किसी व्यक्ति को राज्य द्वारा बाध्य नहीं किया जा सकता। सोर्स #RTIAct
 

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