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भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अब 1 जून के पहले 31 मई को ही केरल में मानसून दस्तक दे सकता है*

भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अब 1 जून के पहले 31 मई को ही केरल में मानसून दस्तक दे सकता है*

 *भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार अब 1 जून के पहले 31 मई को ही केरल में मानसून दस्तक दे सकता है*



मौसम विभाग के अनुसार मानसून  केरल में 1 जून को आएगा।पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में सचिव एम राजीवन ने बताया था कि अनुमान के मुताबिक 1जून के करीब मानसून केरल में आएगा।अब मौसम विभाग का कहना है कि केरल में 31 मई को को केरल में दस्तक दे सकता है।भारतीय मौसम विभाग का कहना है कि केरल में 31 मई को मॉनसून के आगमन के लिए स्थितियां अनुकूल होती दिख रही हैं। आईएमडी के अनुसार, केरल में मानसून की शुरुआत की सामान्य तारीख 1 जून है, मगर यास की वजह से एक दिन पहले मॉनसून दस्तक दे सकता है, क्योंकि चक्रवात यास ने अरब सागर के ऊपर मॉनसून के प्रवाह को खींचने में मदद की है। हालांकि, बारिश के संभावित लेटेस्ट विवरण के साथ दूसरे चरण का मॉनसून पूर्वानुमान 31 मई को आईएमडी द्वारा जारी किया जाएगा। 

ताउते और यास चक्रवाती तूफान की वजह से मौसम में आए बदलाव के बीच अब मॉनसून ने भी दस्तक देने की तैयारी कर ली है। मौसम विभाग की मानें तो इस सोमवार को मॉनसून केरल में दस्तक देगा। मॉनसून गुरुवार को मालदीव-कोमोरिन क्षेत्र के कुछ और हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम और पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी, दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ गया है।

आईएमडी (IMD) ने पूर्वी उत्‍तर प्रदेश और बिहार के लिए जारी ओरेंज अलर्ट में हल्‍की से मध्‍यम बारिश की संभावना जताई है. वहीं झारखंड के लिए यलो अलर्ट जारी किया है. आईएमडी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल, केरल, तेलंगाना, तटीय कर्नाटक, गोवा, महाराष्‍ट्र के कोंकण, मराठवाड़ा, विदर्भ और छत्‍तीसगढ़ व मध्‍य प्रदेश में बारिश होने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने गुरुवार को कहा कि दक्षिण पश्चिम मॉनसून दक्षिण पश्चिम और पूर्व मध्य बंगाल की खाड़ी के और हिस्सों की ओर बढ़ गया है और केरल में 31 मई तक इसके पहुंचने के आसार हैं।बिहार में यास के प्रभाव के कारण काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ जैसी स्थिती बन गई है।वही उड़ीसा और पश्चिम बंगाल का भी हालात ठीक नहीं है।ओडिशा-बंगाल में भारी तबाही बचाने के बाद चक्रवात यास बिहार पहुंच चुका है. भागलपुर, सुपौल, कटिहार और पूर्णिया समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई  है।

•गौतम बोंदरे (प्रेस रिपोर्टर ,साइंस वाणी बिलासपुर)

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