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अधिनियम (एनएफएसए) के लाभार्थियों को दो महीने–मई और जून 2021 के लिए अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन को मंजूरी दी

अधिनियम (एनएफएसए) के लाभार्थियों को दो महीने–मई और जून 2021 के लिए अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन को मंजूरी दी

केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (चरण-3) के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के लाभार्थियों को दो महीने–मई और जून 2021 के लिए अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन को मंजूरी दी


प्रविष्टि तिथि: 05 MAY 2021 12:12PM by PIB Delhi
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में आज निम्नलिखित को कार्योत्तर मंजूरी दी है:
(i) प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (चरण-3) के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के लाभार्थियों के लिए अतिरिक्त खाद्यान्न आवंटन को और दो महीने– मई और जून 2021 के लिए बढ़ाया। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले लगभग 79 करोड़ 88 लाख लाभार्थियों (अन्‍त्‍योदय अन्‍न योजना (एएवाई) और प्राथमिकता वाले घर (पीएचएच)) जिनमें सीधे लाभ अंतरण (डीबीटी) वाले लाभार्थी भी शामिल हैं, को प्रतिमाह 05 किलोग्राम खाद्यान्न प्रति व्यक्ति निःशुल्क दिया जाता है I
(ii) गेहूं/चावल के संदर्भ में राज्य/केन्द्र शासित प्रदेश का आवंटन खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत मौजूदा आवंटन अनुपात के आधार पर तय किया जाएगा। इसके अलावा, खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग आंशिक और स्थानीय लॉकडाउन स्थितियों और मानसून, चक्रवात, आपूर्ति श्रृंखला एवं प्रतिकूल मौसम तथा कोविड के कारण उत्पन्न हुई बाधाओं और कोविड से जुड़ी बाधाओं आदि को ध्यान में रखते हुए परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार पीएमजीकेएवाई के अंतर्गत उठाने/वितरण की अवधि के विस्तार पर निर्णय ले सकता है।
(iii) खाद्यान्नों के संदर्भ में कुल आवंटन लगभग 80 लाख मीट्रिक टन हो सकता है।
लगभग 79 करोड़ 88 लाख लोगों को दो महीने अर्थात मई-जून 2021 के दौरान टीडीपीएस के अंतर्गत 05 किलोग्राम प्रति व्यक्ति प्रतिमाह की दर से अतिरिक्त खाद्यान्न के निःशुल्क आवंटन पर लगभग 25,332.92 करोड़ रुपये खाद्यान्न सब्सिडी की लागत आएगी जिसमें चावल के लिए 36,789.2 रुपये प्रति मीट्रिक टन और गेहूं के लिए 25,731.4 रुपये प्रति मीट्रिक टन की अनुमानित आर्थिक लागत शामिल है।
इस अतिरिक्त आवंटन से कोरोनावायरस के कारण पैदा हुए आर्थिक गतिरोध से गरीबों के सामने जीवनयापन में आई कठिनाइयों को कुछ कम किया जा सकेगा। आनेवाले दो महीनों में किसी भी गरीब परिवार को खाद्यान्न की अनुपलब्धता के कारण संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा।

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