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कोरोना वारियर्स चेतन सिंह की कलम से......

कोरोना वारियर्स चेतन सिंह की कलम से......

कोरोना वारियर्स चेतन सिंह की कलम से......
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     ये  क्या  किया  सरकार  तूने !
    जीते   जी   दिया ,  मार   तूने !
    कह - कहकर कोरोना वारियर्स ,
    कर   दिया   हमें , बीमार  तूने !

24    घंटे   करते  रहे  , हम    काम !
भूल कर सारे  , दुःख - दर्द - आराम !
विपदा आई जब , हमारे स्वास्थ्य पर ,
नहीं किया तूने, कोई अलग इंतजाम !  
लानत है तेरी सोच , तेरी व्यवस्था पर , 
हमारे जीवन का किया कारोबार तूने !
ये क्या किया ..............................

बेबस   जनता ,     बेबस    व्यापारी  हैं !
तेरी व्यवस्था से आहत ,हर कर्मचारी हैं !
ऐसी घड़ी घूमते रहे , तुम असम -बंगाल , 
चारों तरफ फैली , जब यहां महामारी है !
टूट   रही   यहां   ,  सांसें   पल  -  पल  ,
नहीं     किया    कोई   ,   उपचार  तूने  !
ये क्या किया .................................

एक नन्हीं कली , फूल भी न बन पाई थी !
मां के गर्भ से ,कितना आवाज लगाई थी !
कहती  रही बचा लो ,  मेरी  मां की जान , 
पर तुझको कहां , उस  पर दया आई थी !
झौंक   दिया उसे  ,  मौत के  आगोश में , 
कैसा     किया   ये ,     अत्याचार    तूने !
ये क्या किया ..................................

कब   तक  यूं  जान ,  हम  गंवाते  रहेंगे !
बेबस  छोड़  परिवार  को , जाते    रहेंगे !
कुछ  तो  करो  चिंतन , हमारे अपनों की ,
कितना  सितम ,  उन  पर   ढाते   रहेंगे !
एरियर्स , डी. ए. , पेंशन  सब  रोक कर , 
कर   दिया  हमें , बेसहारा - बेजार  तूने !
ये क्या किया .................................

बीच  सफर  में  , सबसे  नाता तोड़  चले  गये !
करते करते कोरोना ड्यूटी ,मुख मोड़ चले गये !
आखिर   क्या  होगा  उनके , बीवी- बच्चों का ,
चिंतन करो उनकी , जो ये जहां छोड़ चले गये !
एक  श्रद्धा सुमन भी , अर्पित न कर सके तुम , 
अच्छा   नहीं  किया  ,  हमसे   व्यवहार  तूने !
ये क्या किया ........................................

कब    समझोगे   तुम ,     हमारी   जज़्बात !
हमारे  हक़  पर  की , ये  कैसी  कुठाराघात !
अपने परिजन को टीका  लगवा सकते नहीं ,
टीकाकरण में भी कर दी ,आरक्षण की बात !
मैं   कोरोना योद्धा हूं , 
टीकाकरण में भी कर दी ,आरक्षण की बात !
मैं   कोरोना योद्धा हूं ,  पर  क्या मिला मुझे , 
छीन    लिया   मेरा  , हर    अधिकार    तूने !
ये क्या किया......................................

उ. प्र., बिहार , झारखंड दे रही अतिरिक्त वेतन !
छ . ग. सरकार ,  न  जाने  क्या   है  तेरा   मन !
स्वास्थ्य कर्मियों की व्यथा , तुम  कब समझोगे ,
तुझ पर न्योछावर  किया , हमने तन- मन -धन !
कोरोना   भत्ता    देने    की  ,  बात   कहकर ,
काट  दिया  हमारा , एक  दिन  का  पगार तूने !
ये क्या किया .......................................

क्या     जानें  ,   क्या     है        तेरी     रजा !
कोरोना  वारियर्स  को ,  न   दो   इतनी सजा !
बस  कर  दो   हमारी , वेतन    विसंगति  दूर , 
कोरोना योद्धा चेतन की , केवल यही इल्तजा !

               रचनाकार - 
               चेतन सिंह
  *ग्रामीण स्वास्थ्य संयोजक*
              कसडोल , बलौदाबाजार-भाटापारा
 ( तथाकथित कोरोना वारियर्स )

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