-->
जहर नहीं दवा की जरूरत है जनता को, छत्तीसगढ़ की जनता को दारू की नहीं वेक्सिन की सख्त जरूरत है, सरकार इस पर फोकस न कर शराब की होम डिलीवरी की व्यवस्था पर जोर दे रही है:- निहाल मेहता, भारतीय जनता युवा मोर्च

जहर नहीं दवा की जरूरत है जनता को, छत्तीसगढ़ की जनता को दारू की नहीं वेक्सिन की सख्त जरूरत है, सरकार इस पर फोकस न कर शराब की होम डिलीवरी की व्यवस्था पर जोर दे रही है:- निहाल मेहता, भारतीय जनता युवा मोर्च

जहर नहीं दवा की जरूरत है जनता को, छत्तीसगढ़ की जनता को दारू की नहीं वेक्सिन की सख्त जरूरत है, सरकार इस पर फोकस न कर शराब की होम डिलीवरी की व्यवस्था पर जोर दे रही है:- निहाल मेहता, भारतीय जनता युवा मोर्च
  Ripoter Avinash Rajput jaspur
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ कॉंग्रेस सरकार द्वारा शराब की होम डिलीवरी लॉकडाउन के दौरान कराए जानें कि बात पर अपनी तीखी प्रक्रिया देते हुए निहाल नें कहा कि हाई कोर्ट के फैसले के बाद भी प्रदेश सरकार वेक्सिनेशन के काम में ढिलाई बरत रही है,जिससे काफी संख्या में लोग बिना टीका लगवाए ही टीकाकरण केंद्रों से निराश लौटने को मजबूर हो रहे हैं, उन्होंने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ की जनता को दारू की नहीं वेक्सिन की सख्त जरूरत है, सरकार इस पर फोकस न कर शराब की होम डिलीवरी की व्यवस्था पर जोर दे रही है, आगे उन्होंने कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के कुशल नेतृत्व वाली केन्द्र की सरकार वैक्सीन, दवाइयां, आक्सीजन, चिकित्सकीय उपकरण छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पहुंचा कर सभी प्रदेशवासियों के लिए उपलब्ध कराई है, परन्तु प्रदेश में भूपेश बघेल के नेतृत्व वाली कॉंग्रेस की सरकार के केंद्र-सरकार से प्राप्त संसाधनों का समुचित प्रबन्धन कर उपयोग करने में नाकाम रहने के कारण ही छत्तीसगढ़ में दुःखद और पीड़ादायक परिस्थिति निर्मित हुई है।संक्रमण का विस्तार गांव-गांव में हो चुका है, लेकिन प्रदेश की कॉंग्रेस-सरकार को इसकी चिंता नहीं है। यह सरकार तो अब इतनी असंवेदनशील हो गयी है कि गांव-गांव में कोरोना की जांच और संक्रमितों तक दवाई चिकित्सकीय उपकरण पहुंचाने के बजाय अपना पूरा ध्यान घर-घर शराब पहुंचाने पर लगा रही है।यह प्रदेश और प्रदेशवासियों के लिए दुर्भाग्य जनक बात है कि अपने ही घोषणापत्र में शराबबंदी की बात करने वाली कांग्रेस सरकार आर्थिक दिवालियापन की कगार पर खड़ी है, जो राजस्व कमाने शराब बेचने पर तुली है।
आगे निहाल मेहता नें कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार दारू बेचने और होम डिलीवरी के लिए ऑनलाईन बुकिंग कर सकती है लेकिन वेक्सीनेशन के लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन नहीं कर सकती, उन्होंने प्रदेश सरकार के इस रवैये को हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना बताया,उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार टीकाकरण केंद्रों की संख्या के आधार पर साइट खोलकर रोज एक निर्धारित समय में वेक्सिनेशन के लिए ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन कराए,ताकि वेक्सिन के लिए लोगों को लाइन में लगकर अपना समय जाया करनें से राहत मिले।

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article