-->
हम बदलेंगे, युग बदलेगा* 🏹===========================(मौलिक कृति *सुनील भारद्वाज* की कलम से

हम बदलेंगे, युग बदलेगा* 🏹===========================(मौलिक कृति *सुनील भारद्वाज* की कलम से

✍🏻 *हम बदलेंगे, युग बदलेगा* 🏹
===========================
(मौलिक कृति *सुनील भारद्वाज* की कलम से)
चलो थोड़ा बदल जाएं 
वक्त मिला है सुधर जाएं
धर्म बन गया है 
'पाखंड और अंधविश्वास'
विज्ञान बनी है 'प्रयोगशाला,
मानव के कुछ समझ न आए
लग गया है सबके मति पर ताला,
अंधविश्वास मतलब 
"आ बैल मुझे मार" और
प्रयोगशाला मतलब 
"पैसे दे कर जान निकाल"
समझ न आये कहां जाएं
किसे त्यागें किसे करें स्वीकार,
निश्चय ही हम बदलेंगे, युग भी बदलेगा
जगाओ स्वविवेक को 
वैज्ञानिक चिंतन करो सरकार
मानवता पर करो उपकार
आयुर्वेद पर करो भरोसा
प्रकृति करेगी स्वयं उपचार,
मानव से मानव नफरत करते
बढ़ गई हैं खाईयां
दुश्मन से अब क्या डरें 
जब खुद से हो लड़ाइयां,
जनता खुद ही बदलेगी और युग भी बदल जाएगा 
बस, अपनी "नियत" बदलो सरकार,
अपनी "नियत" बदलो सरकार ।

7000150900

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article