धौराहरा कोतवाली के ग्राम चहलुवा में मनगढ़ंत कहानी बना कर लिखवाया गया फर्जी मुकदमा*
15 मई 2021
*धौराहरा कोतवाली के ग्राम चहलुवा में मनगढ़ंत कहानी बना कर लिखवाया गया फर्जी मुकदमा*
साईन्स वाणी न्यूज
रिपोर्ट संदीप राजपूत
धौराहरा खीरी
आपको बताते चलें यह ताजा मामला धौराहरा कोतवाली क्षेत्र के रमियाबेहड़ के ग्राम चहलुवा का है जहां पर कुछ आपसी रंजिश की वजह से 26/04/2021 तारीख को कहासुनी हो गई थी जो की कुछ व्यक्तियों के द्वारा सुलाह समझौता कर लिया गया था तथा बाद में 29/04/2021 तारीक को लड़की के परिजनों ने लड़की को मारा पीटा और बाद में उसको पिंटू के घर पर छोड़ आए जब पिंटू के घर वालों ने उसे देखा तो लड़की से पूछा कि तुम यहां पर कैसे आई हो तो उससे बातचीत कर वीडियो बनाया गया जिस वीडियो में इस बात को लड़की ने स्वीकार किया कि उसके परिजनों ने उसको मारा पीटा और जबरदस्ती उसकी बुआ ने सुबह 4:00 बजे यहां पर छोड़ गई थी तब लड़की से कहा गया कि तुम घर जाओ उसने कहा कि हम वहां नहीं जाएंगे अगर हम जाएंगे तो वह लोग हम को मार डालेंगे हम यही रहेंगे उसके बाद लड़के के घर वालों की तरफ से 112 नंबर पर सूचना दी गई पुलिस आई और उसने लड़की से पूछताछ की पूछताछ में लड़की ने बताया कि हमको बुआ यहां छोड़ गई है तब उन्होंने लड़की को लड़की के घरवालों को सुपुर्द कर दिया और बताया कि तुम लोगों को जो भी कार्रवाई करनी है तो थाने जाओ उसके बाद लड़की के परिवार वालों के द्वारा मनगढ़ंत कहानी बनाकर ऑनलाइन प्रार्थना पत्र डाला गया ऑनलाइन प्रार्थना पत्र की जांच चुनाव में लगे कर्मचारियों की वजह से कुछ लेट हो गई जिसका फायदा उठाकर मीडिया वालों को गुमराह करते हुए मनगढ़ंत कहानी बनाकर मीडिया के माध्यम से प्रचार-प्रसार करवाया गया जब मीडिया की टीम ने इसकी जांच की तो कुछ तथ्य सामने आने से सच्चाई को सामने लाने की कोशिश की तथा यह मामला आईजी लखनऊ तथा एसपी लखीमपुर दी गई जिस पर आईजी लखनऊ ने तत्काल कार्यवाही करने को धौरहरा कोतवाली निरीक्षक तथा क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया गया जबकि गांव वालों का कहना है कि पहले चुनाव रंजीश की वजह से फसाया जा रहा था जब वह फंडा नहीं बन पाया तब लड़की को उसके परिवार वालों ने हथियार बनाकर कुछ राजनैतिक व्यक्तियों से मिलकर इस फर्जी घटना को अंजाम देने की कोशिश की है जबकि सही विवेचना करने पर दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा ऐसी घटना को कोई बड़े अधिकारी के द्वारा विवेचना कराए जाना न्यायउचित होगा।