नया ग्राम पंचायत बनते ही उपसरपंच व सरपंच करने लग गए मनमानी
24 मई 2021
नया ग्राम पंचायत बनते ही उपसरपंच व सरपंच करने लग गए मनमानी
साइंस वाणी आवाज
तहसील रिपोर्टर रूपेश यादव के साथ गजानंद बंछोर की रिपोर्ट कांकेर
दिनांक 24/5/21
चारामा ब्लाक के ग्राम पंचायत मुड़खु सरा एक ऐसा मामला सामने आया है
जिसमें जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने तरीके से मनमानी किए जा रहे हैं पहले ग्राम पंचायत मुड़खू सरा महूद पंचायत का आश्रित ग्राम हुआ करता था 2019 पंचायत चुनाव में यह ग्राम पंचायत नया ग्राम पंचायत बना है
निर्माण कार्य यहां जोरों से चल रहा है मिनी आंगनवाड़ी वह पहले से बने आंगनबाड़ी में बाउंड्री वाल नया पंचायत भवन निर्माण सार्वजनिक शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है pds गोदाम अभी प्रगति पर है पीडीएस गोदाम अभी देव स्थल पर बन रहा है (सहंडा देव)
शासन नियम के अनुसार निर्माण कार्य सीमेंट वाले ईट से बनना है लेकिन उपसरपंच लाल वाले ईट से यह निर्माण कार्य करा रहा है ग्रामीण उनके काम करने के तरीके से नाराज हैं वह पिछले कामों का पूर्ण हिसाब लेना चाहते चौंकाने वाली बात यह है कि किसी भी निर्माण कार्य में कोई प्रशासनिक कर्मचारी चेक करने नहीं आए हैं सभी निर्माण कार्यों में उपसरपंच लोकल मिस्री द्वारा स्वयं काम कर रहा है जिसमें कोई ठेकेदार इंवॉल्व नहीं है जबकि यह कोई जरूरी नहीं की सभी कार्य उपसरपंच के माध्यम से पूर्ण हो गांव के ग्रामीण मुकेश शर्मा द्वारा आरटीआई लगाने का फैसला लिया गया है ग्राम के युवा साथी भी इसमें सहयोग करेंगे उपसरपंच लगभग 10/ 15 साल से माहुद पंचायत से पंच रह चुके हैं सरपंच के अनपढ़ होने से उपसरपंच उसका फायदा उठा कर अपनी जेब गर्म कर रहा है किसी भी निर्माण कार्य के लिए ग्राम वासियों व ग्राम के प्रमुखों से सलाह मशवरा नहीं करते हैं मनरेगा के कार्य में भी वह श्रमिकों को चुन-चुन कर ले जाया करते हैं अगर काम कहीं गलत हो रहा हो और कोई श्रमिक उसी बोल दे तो उसका नाम जॉब कार्ड से काट देता है या गलत लिख देता है ग्राम में पहले से अनुभव वाले 4/5 मेट है लेकिन उपसरपंच हर वार्ड से 1/1 मेट खुद चुना है जो पूरे उसी के इशारे से चलते हैं जनपद से ऐसा कोई आदेश नहीं है की पंजीयन वाले मेट को बाहर किया जाए लेकिन उपसरपंच के आगे किसी की नहीं चलती शायद उपसरपंच अपने आप को ग्राम पंचायत मूड़खु सरा का सीएम समझते हैं यह सब मिलीभगत सरकार है यहां के जनप्रतिनिधि गांव के विकास के लिए कार्य नहीं करके अपने विकास का कार्य संभव कर रहा है