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मातृदिवस पर रायगढ़ के कवि जयलाल कलेत ने सभी माताओं को सम्मानित करते हुए कविता किए समर्पित------!!!!

मातृदिवस पर रायगढ़ के कवि जयलाल कलेत ने सभी माताओं को सम्मानित करते हुए कविता किए समर्पित------!!!!

मातृदिवस पर रायगढ़ के कवि जयलाल कलेत ने सभी माताओं को सम्मानित करते हुए कविता किए समर्पित------!!!!
मां जमीं और आसमान हैं*
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मां तू मेरा जमीं ,और आसमान हैं,
मां तू मेरे जीवन का सच्ची वरदान है।
मां को पाकर हर कोई धनवान है,
मां ही मेरे जीवन का सम्मान है।

जिसकी ममता का कोई मोल नहीं है,
मां के दिल का कोई भी तोल नहीं है।
मेरे जीवन का मां ही भगवान है,
मां तू मेरा जमीं, और आसमान हैं।

मेरे जीवन का तू शीतल छाया है,
मैंने किस्मत से मां तुझको पाया है।
मेरे जीवन का मां ही बागवान है,
मां तू मेरा जमीं और आसमान हैं।

गोंद में लेकर मां ही तो सुलाती है,
अपने हाथों से खाना खिलाती है।
मां ही तो बच्चों का अभिमान है,
मां तू मेरा जमीं और आसमान हैं।

मां ही तो ममता का एक सागर है,
मेरे जीवन का भरा एक गागर हैं।
मां ही मेरे जीवन का स्वाभिमान है,
मां तू मेरा जमीं और आसमान हैं।

      *जयलाल कलेत*

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