शादियों के बीच इम्तिहान की तलवार! खरसिया कॉलेज के छात्रों पर टूटा दोहरी मार का कहर
खरसिया । गर्मी की तपन, शादियों का शोर और अब इस पर इंटरनल एग्जाम की जबरदस्त मार!
गवर्नमेंट एम.जी. पी.जी. कॉलेज, खरसिया में पढ़ाई कर रहे BA, B.Sc और B.Com सेकंड सेमेस्टर के सैकड़ों छात्रों पर इस समय दोहरी मार पड़ रही है। एक तरफ शादी-ब्याह के पारिवारिक आयोजन सिर पर हैं, दूसरी ओर कॉलेज प्रबंधन ने 5 मई से 10 मई तक लगातार सेकंड इंटरनल एग्जाम ठोक दिए हैं।
छात्रों का कहना है कि मई महीने में हर घर में शादी की तैयारियां चल रही हैं। कई छात्र-छात्राओं को घर में जिम्मेदारियां निभानी हैं, रिश्तेदारियों में शामिल होना है, लेकिन कॉलेज ने बिना किसी सहूलियत के सख्त परीक्षा शेड्यूल थमा दिया।
"ना पढ़ाई का सही समय, ना परिवार में शामिल होने का मौका! ऐसा लगता है कॉलेज प्रबंधन को छात्रों की जिंदगी से कोई मतलब ही नहीं,"
छात्रों ने आक्रोश जताते हुए कहा।
*6 दिन में निपटा दी गई सभी परीक्षाएं!*
एक ही सप्ताह में सभी मुख्य विषयों की परीक्षाएं निपटा दी गई हैं — न तैयारी का समय, न सोचने की फुर्सत। छात्र दबाव में आकर आधी-अधूरी तैयारी के साथ पेपर देने को मजबूर हैं।
*छात्रों की प्रमुख शिकायतें:*
शादी-ब्याह के सीजन में परीक्षा का आयोजन असंवेदनशील फैसला।
बिना पूर्व सूचना के परीक्षा की तिथि तय कर दी गई।
परीक्षा और सामाजिक जिम्मेदारियों के बीच फंसे छात्र मानसिक तनाव झेल रहे हैं।
*सवाल उठता है:*
क्या शिक्षा विभाग शादी-ब्याह के सीजन और छात्रों की मानसिक स्थिति को दरकिनार कर नियम थोप सकता है? क्या इस तरह का रवैया पढ़ाई को बढ़ावा देगा या छात्रों को और ज्यादा कुंठित करेगा?
छात्राओं की मांग है कि या तो परीक्षा कार्यक्रम बदला जाए या छात्रों को विकल्प दिया जाए ताकि वे बिना मानसिक तनाव के अपने दायित्व निभा सकें।