नहरपाली की पुकार — वादों को याद करो...विधायक गोमती साय! जेएसडब्ल्यू कंपनी के खिलाफ एक दिवसीय धरना के वादे पूर्व सांसद व वर्तमान विधायक गोमती साय भूल गए
रायगढ़। नहरपाली क्षेत्र में स्थित जेएसडब्ल्यू कंपनी की मनमानी अब असहनीय हो चुकी है। जिन किसानों ने कभी विकास के सपने देखते हुए अपनी जमीनें दी थीं, आज वही किसान और उनके परिवार कंपनी से बेरहमी से निकाले जा रहे हैं। स्थानीय मजदूरों को रोजगार से वंचित किया जा रहा है और गांवों के विकास कार्यों के लिए मिलने वाला अनुदान भी हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है।
बीते कार्यकाल में जब भाजपा विपक्ष में थी, तब रायगढ़ की पूर्व सांसद श्रीमती गोमती साय ने नहरपाली में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन कर कंपनी के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई थी। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि भाजपा सरकार बनने पर क्षेत्रीय लोगों को न्याय मिलेगा और कंपनी पर नियंत्रण लगाया जाएगा।
आज भले ही गोमती साय सांसद नहीं रहीं, लेकिन केंद्र और राज्य – दोनों में भाजपा की ही सरकार है। सत्ता हाथ में होने के बावजूद नहरपाली के किसानों और मजदूरों की सुध अब कोई नहीं ले रहा। कंपनी अपनी मनमानी से ग्रामीणों के हक को रौंद रही है, और जिन वादों पर वोट माँगे गए थे, वे वादे अब हवा हो चुके हैं।
ग्रामीणों के बीच गहरा रोष व्याप्त है। लोग पूछ रहे हैं:
"जब सत्ता भी अपनी है और सरकार भी अपनी है, फिर गरीबों के न्याय के लिए आवाज क्यों नहीं उठ रही?"
अगर जल्द ही क्षेत्रीय किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों के हित में सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यहां एक बड़े जनआंदोलन की चिंगारी भड़कना तय है।