सरवानी ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप गाली-गलौज,धमकी और शासकीय योजनाओं में बाधा डालने का मामला आया सामने
सरवानी ग्राम पंचायत के रोजगार सहायक पर गंभीर आरोप
गाली-गलौज,धमकी और शासकीय योजनाओं में बाधा डालने का मामला आया सामने
पीड़ित ग्रामीण ने रिकॉर्डिंग सहित की लिखित शिकायत,पद से हटाने और सख्त कार्रवाई की मांग
बिलासपुर/बोदरी :- सरवानी ग्राम पंचायत में पदस्थ रोजगार सहायक राजेश राज पर ग्रामवासी रमेश यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए शासन-प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि प्रधानमंत्री आवास योजना(ग्रामीण)के अंतर्गत पात्र होते हुए भी रोजगार सहायक द्वारा निजी द्वेष के चलते उनका नाम सूची में नहीं डाला गया और जब इस विषय में जानकारी लेने के लिए संपर्क किया गया तो गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। रमेश यादव,निवासी ग्राम सरवानी,ने बताया कि दिनांक 29 अप्रैल 2025 को उन्होंने रोजगार सहायक को फोन कर योजना के संबंध में जानकारी चाही थी। प्रारंभ में राजेश राज ने निजी कार्य का हवाला देते हुए शाम को बात करने को कहा, परंतु जब शाम को पुनः संपर्क किया गया तो उन्होंने अत्यंत अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दी कि "जो करना है कर लो, मैं तुम्हारा आवास नहीं निकालूंगा",और साथ ही जान से मारने की भी धमकी दी। पीड़ित रमेश यादव ने यह भी बताया कि इस घटना की पूरी बातचीत की ऑडियो रिकॉर्डिंग उनके पास सुरक्षित है,जिसे उन्होंने शिकायत पत्र के साथ संलग्न किया है। इसके अलावा, ग्राम के कोटवार ने भी रोजगार सहायक के पक्ष में बात करते हुए पीड़ित को अपमानित किया और रोजगार सहायक की मौजूदगी में ही फोन पर दुर्व्यवहार किया गया।
स्थानीय ग्रामीणों में आक्रोश
ग्राम सरवानी के अन्य ग्रामीणों ने भी रोजगार सहायक राजेश राज के व्यवहार पर नाराजगी जाहिर की है। ग्रामीणों के अनुसार, वह अक्सर लोगों से अभद्र भाषा में बात करता है,पद का दुरुपयोग करता है और खुलेआम कहता है कि उसे कोई उसके पद से नहीं हटा सकता। उसका रवैया कई बार योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा बन चुका है,जिससे कई पात्र ग्रामीण अब तक लाभ से वंचित हैं।
शासकीय योजनाओं की छवि पर दाग
इस प्रकार की घटनाएं शासन की जनहितकारी योजनाओं की छवि धूमिल करती हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना जैसे महत्वपूर्ण योजना का उद्देश्य गरीब,कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है,परंतु इस प्रकार का व्यवहार न केवल मानवता के खिलाफ है,बल्कि यह सीधे तौर पर मुख्यमंत्री सुशासन दिवस और लोकसेवा की भावना का भी अपमान है।
प्रशासन से न्याय की मांग
रमेश यादव ने जनपद पंचायत बोदरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को एक विस्तृत लिखित शिकायत सौंपते हुए मांग की है कि रोजगार सहायक राजेश राज को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए,ताकि शासकीय योजनाओं के निष्पक्ष और पारदर्शी क्रियान्वयन में कोई बाधा न उत्पन्न हो। साथ ही उनके द्वारा की गई गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी के संबंध में भी उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
रिकॉर्डिंग बनी अहम साक्ष्य
पीड़ित द्वारा प्रस्तुत की गई रिकॉर्डिंग इस मामले में एक मजबूत साक्ष्य के रूप में देखी जा रही है। यदि प्रशासन निष्पक्ष जांच करता है,तो यह मामला न केवल व्यक्तिगत स्तर पर न्याय दिला सकता है,बल्कि ऐसे सरकारी कर्मचारियों को भी एक सख्त संदेश जाएगा जो अपने पद का अनुचित उपयोग कर आम जनता के हितों को नुकसान पहुंचाते हैं।
ग्रामीणों की एकजुटता
घटना के बाद सरवानी ग्राम के कई ग्रामीणों ने पीड़ित के समर्थन में आवाज उठाई है और सामूहिक रूप से आवेदन देने की योजना बना रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन समय पर कार्यवाही नहीं करता है तो वे उच्च अधिकारियों से मिलकर शिकायत करेंगे l
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