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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के करकमलों से हुआ "अद्भुत श्री तुलसी चरितायणम" का विमोचन।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के करकमलों से हुआ "अद्भुत श्री तुलसी चरितायणम" का विमोचन।


कुरूद (धमतरी), 7 जून 2026। ग्राम छाती (कुरूद) में आयोजित एक गरिमामय कुर्मी क्षत्रिय समाज के 55 वें अधिवेशन समारोह में "मानस विशारद" श्री भेखलाल चंद्राकर 'बी. आर. ब्रह्मांश' द्वारा रचित अद्वितीय ग्रंथ "अद्भुत श्री तुलसी चरितायणम" का विमोचन छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के करकमलों से संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कुर्मी क्षत्रिय समाज के केंद्रीय मंत्री श्री दिनेश चंद्राकर ने की। समारोह में साहित्य, समाज एवं संस्कृति से जुड़े अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

इस अवसर पर कृति का सारगर्भित परिचय त्रेता चंद्राकर द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने बताया कि "अद्भुत श्री तुलसी चरितायणम" केवल गोस्वामी तुलसीदास के जीवन का आख्यान नहीं, बल्कि उनके व्यक्तित्व, कृतित्व, आध्यात्मिक चिंतन तथा लोकमंगलकारी दृष्टि का एक विशिष्ट और शोधपरक प्रस्तुतीकरण है। यह ग्रंथ तुलसी साहित्य के विविध आयामों को नवीन दृष्टि से उद्घाटित करते हुए पाठकों को भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों एवं भक्ति परंपरा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कृति के प्रकाशन पर लेखक को शुभकामनाएँ दी।

समारोह में लेखक श्री भेखलाल चंद्राकर 'बी. आर. ब्रह्मांश' के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कुंती देवी, सुपुत्र ओंकार चंद्राकर एवं सुपुत्री ऋचा चंद्राकर की विशेष उपस्थिति रही। साथ ही लेखक के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान रखने वाले शुभचिंतक श्री रामचंद्र विश्वकर्मा, श्री सुरेश चंद्राकर, श्री दीपक मानिकपुरी तथा श्री महावीर चंद्राकर, आशाराम साहू, सेवक साहू, हीरालाल साहू जी भी समारोह में उपस्थित रहे।

विमोचन समारोह सौहार्दपूर्ण एवं साहित्यिक वातावरण में संपन्न हुआ, जहाँ उपस्थित जनों ने कृति की सराहना करते हुए लेखक के साहित्यिक अवदान की प्रशंसा की।

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