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*मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से अजय की बदली राह, एक कॉल पर समस्या का हुआ समाधान**समाज कल्याण विभाग की त्वरित कार्यवाही, मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल मिलने से आवागमन हुआ आसान:-

*मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 से अजय की बदली राह, एक कॉल पर समस्या का हुआ समाधान**समाज कल्याण विभाग की त्वरित कार्यवाही, मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल मिलने से आवागमन हुआ आसान:-



साइंस वाणी न्यूज़ रायगढ़ प्राप्त जानकारी के अनुसार:- रायगढ़, 27 जुलाई 2026/ शासन की जनहितकारी पहल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 जरूरतमंदों की समस्याओं के समाधान का भरोसेमंद माध्यम बन रही है। इसका एक प्रेरक उदाहरण रायगढ़ जिले में देखने को मिला, जहां विकासखंड लैलूंगा के ग्राम दर्रीपारा- गहनाझरिया निवासी दिव्यांग हितग्राही अजय शंकर चौहान की शिकायत पर समाज कल्याण विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए उन्हें मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल उपलब्ध कराई। इससे अब उनका आवागमन पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो गया है।
           अजय शंकर चौहान ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में बताया था कि दिव्यांगता के कारण उन्हें रोजमर्रा के कार्यों और आने-जाने में काफी कठिनाई होती है। शिकायत मिलते ही कार्यालय उपसंचालक समाज कल्याण विभाग रायगढ़ ने प्रकरण का परीक्षण कराया, पात्रता की प्रक्रिया पूरी की और उन्हें मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल प्रदान की। मोटराइज्ड ट्रायसाइकिल मिलने के बाद अजय शंकर चौहान ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे अपने दैनिक कार्य अधिक सहजता से कर सकेंगे और आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भरता भी काफी कम हो जाएगी। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और समाज कल्याण विभाग का आभार जताते हुए कहा कि उनकी समस्या का समय पर समाधान मिलने से उन्हें बड़ी राहत मिली है। समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पात्र दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण एवं विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का भी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निराकरण सुनिश्चित किया जा रहा है।

*चार स्तर पर होता है शिकायतों का निराकरण:-

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में दर्ज शिकायतों के समाधान के लिए चार स्तरीय व्यवस्था बनाई गई है। सबसे पहले शिकायत का निराकरण ब्लॉक स्तर पर किया जाता है। निर्धारित समय में समाधान नहीं होने पर शिकायत स्वतः जिला स्तर, फिर संभागीय/निदेशालय स्तर और अंत में सचिव अथवा विभागाध्यक्ष स्तर तक पहुंच जाती है। इस व्यवस्था से प्रत्येक स्तर पर जवाबदेही तय होती है और शिकायतों के समयबद्ध निराकरण की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित होती है।

हेमंत कुमार टंडन 
जिला ब्यूरो चीफ रायगढ़ छत्तीसगढ़

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