जोंगरा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा: मुख्य आरोपी मुरलीशंकर चौहान और पत्नी चंपा चौहान सहित 9 आरोपी गिरफ्तार
सक्ती पुलिस का बड़ा खुलासा: महज चार दिन में सुलझा ब्लाइंड मर्डर केस, पत्नी और प्रेमी ने मिलकर रची थी सुपारी किलिंग की साजिश
सक्ती। जिले के ग्राम जोंगरा में हुए बहुचर्चित पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम हत्याकांड का सक्ती पुलिस ने मात्र चार दिनों में सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। जांच में सामने आया कि हत्या की वजह कोई पुरानी रंजिश नहीं, बल्कि प्रेम प्रसंग और उससे उपजे विवाद थे। पुलिस के अनुसार मृतका की हत्या के लिए 4 लाख रुपये की सुपारी दी गई थी। इस मामले में झारखंड, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
दिनदहाड़े गोली मारकर की गई थी हत्या
26 जून 2026 को ग्राम जोंगरा निवासी पूर्णिमा चौहान उर्फ पूनम की दो नकाबपोश हमलावरों ने घर में घुसकर पिस्तौल से गोली मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के बाद दोनों आरोपी मोटरसाइकिल से फरार हो गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई थी।
चार दिन की तकनीकी जांच से खुला पूरा राज
पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन तथा पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर के मार्गदर्शन में गठित विशेष जांच दल ने लगातार चार दिनों तक मोबाइल टावर डंप, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर जांच की। तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के बाद पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश हुआ।
प्रेम संबंध बना हत्या का कारण
पुलिस जांच में पता चला कि मृतका पूर्णिमा चौहान का रायगढ़ जिले के देल्लारी निवासी मुरलीशंकर चौहान के साथ प्रेम संबंध था। दोनों आयुर्वेदिक दवाइयों के प्रचार-प्रसार और बिक्री का कार्य करते थे। इस रिश्ते का मुरलीशंकर की पत्नी चम्पा चौहान लगातार विरोध कर रही थी।
पुलिस के अनुसार समझाने के बाद मुरलीशंकर ने मृतका से दूरी बनाने की कोशिश की, लेकिन पूर्णिमा उस पर विवाह करने का दबाव बना रही थी। इसी विवाद से परेशान होकर पति-पत्नी ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली।
4 लाख की सुपारी देकर बुलाए गए शूटर
जांच में सामने आया कि चम्पा चौहान और मुरलीशंकर चौहान ने राजेंद्र महंत के माध्यम से चार लाख रुपये में हत्या का सौदा तय किया। योजना के तहत दो लाख रुपये की पहली किस्त भी आरोपियों को दे दी गई थी।
झारखंड और महाराष्ट्र से दबोचे गए आरोपी
तकनीकी जांच के दौरान राजेंद्र महंत की लोकेशन झारखंड के जमशेदपुर तथा गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत की लोकेशन महाराष्ट्र के पुणे में मिली। सक्ती पुलिस की टीम ने दोनों राज्यों में दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने सुपारी लेकर हत्या करने की बात स्वीकार की।
ऐसे दिया गया वारदात को अंजाम
26 जून को योजना के मुताबिक गौरीशंकर सिदार और सुनील महंत मोटरसाइकिल से जोंगरा पहुंचे। गौरीशंकर ने पिस्तौल से पूर्णिमा पर गोलियां चलाईं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी सुमित गबेल द्वारा उपलब्ध कराई गई मोटरसाइकिल से फरार हो गए। अन्य आरोपियों ने फरारी, ठिकाना उपलब्ध कराने और सुपारी की रकम के बंटवारे में सहयोग किया।
हथियार, नकदी और मोबाइल जब्त
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्तौल, चार जिंदा कारतूस, तीन खाली खोखे, दो मोटरसाइकिल, कई मोबाइल फोन, बैंक पासबुक तथा सुपारी की रकम में बची 71,500 रुपये नकद बरामद किए हैं।
गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने चम्पा चौहान, मुरलीशंकर चौहान, राजेंद्र महंत, गौरीशंकर सिदार, सुनील महंत, राकेश महंत, वेदप्रकाश महंत उर्फ सोनू, सुमित गबेल तथा चंद्रशेखर महंत को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।
इन धाराओं में हुई कार्रवाई
आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 290/2026 में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1), 61(2), 3(5) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।
सक्ती पुलिस का यह खुलासा हाल के वर्षों के सबसे चर्चित सुपारी किलिंग मामलों में माना जा रहा है, जिसमें प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ विवाद एक सुनियोजित हत्या की साजिश में बदल गया।
