प्रांतीय संघर्ष समिति के आह्वान पर कोटवारों का प्रदर्शन, लंबी रैली निकालकर मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
03 जुलाई 2026
संवाददाता – संतोष कुमार चौहान
साइंस वाणी न्यूज़, लैलूंगा
लैलूंगा। प्रांतीय संघर्ष समिति के आह्वान पर रायगढ़ जिले के विकासखंड लैलूंगा के कोटवारों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को विशाल रैली निकालकर प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में कोटवार एकत्रित होकर लंबी कतार में रैली के रूप में नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए तहसील कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपनी वर्षों पुरानी मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की।
रैली के दौरान कोटवारों ने शासन से अपनी मांगों को पूरा करने के समर्थन में नारेबाजी भी की। प्रदर्शन में शामिल कोटवारों का कहना था कि वे लंबे समय से शासन और प्रशासन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि अनेक बार मांगें उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है, जिससे पूरे प्रदेश के कोटवारों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
ज्ञापन के माध्यम से कोटवारों ने बताया कि वे ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की योजनाओं को आम जनता तक पहुंचाने, राजस्व विभाग के कार्यों में सहयोग करने, कानून-व्यवस्था बनाए रखने, प्राकृतिक आपदाओं एवं अन्य महत्वपूर्ण घटनाओं की सूचना प्रशासन तक पहुंचाने, निर्वाचन, जनगणना, सर्वेक्षण सहित अनेक शासकीय कार्यों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करते हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो पर्याप्त मानदेय मिल रहा है और न ही अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
कोटवारों ने सरकार से मांग की कि उन्हें सम्मानजनक मानदेय दिया जाए, नियमित किया जाए, शासकीय कर्मचारी का दर्जा प्रदान किया जाए, सेवानिवृत्ति पर पेंशन की व्यवस्था की जाए तथा स्वास्थ्य सुविधा, दुर्घटना बीमा, जीवन बीमा सहित अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना था कि वर्तमान समय में मिलने वाला मानदेय बढ़ती महंगाई के अनुरूप बेहद कम है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कोटवार दिन-रात ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हैं। शासन के प्रत्येक महत्वपूर्ण कार्य में उनकी सहभागिता रहती है, लेकिन उनकी सेवा के अनुरूप उन्हें अधिकार और सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि उनकी वर्षों पुरानी समस्याओं का शीघ्र समाधान करते हुए न्यायोचित निर्णय लिया जाए।
तहसील कार्यालय पहुंचने के बाद कोटवारों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा। तहसीलदार ने ज्ञापन प्राप्त कर उसे शासन तक भेजने का आश्वासन दिया।
कोटवारों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो प्रांतीय संघर्ष समिति के निर्देशानुसार आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
इस दौरान विकासखंड लैलूंगा के बड़ी संख्या में कोटवार उपस्थित रहे और सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की।