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परिस्थितियां तय करेंगी, मैं चुनाव लड़ूंगा या नहीं – रवि भगत

परिस्थितियां तय करेंगी, मैं चुनाव लड़ूंगा या नहीं – रवि भगत

साइंस वाणी न्यूज़ लैलूंगा/रायगढ़ 
जिला संवाददाता:– प्रेमसागर यादव 

31जुलाई 2026, दिन:– शुक्रवार 
रायगढ़। यदि जनहित के कार्य करते हुए जीवन में चुनाव नहीं लडऩा पड़े तो इस रास्ते को अपनाउंगा, लेकिन जनता के लिए चुनाव लडऩे की यदि परिस्थितियां बनती है तो चुनाव भी लड़ सकता हुं। कुपाकानी में घटिया सायकिल का वितरण किया जा रहा था जब मैने उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाया और खरीदी का बिल मांगा तब सायकिल आबंटन को रोकने के बजाए जांच कराने के मुझे जेल भिजवा दिया गया। अब मैं केवल सायकिल ही नहीं बल्कि शासन की योजनाओं के तहत ग्रामीण क्षेत्र में बांटी जाने वाली सभी सामग्रियों की जांच भी करवाउंगा। उक्त बातें आदिवसी नेता रवि भगत ने मीडिया से हुई बातचीत के दौरान कही।
लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम कुपाकानी में दो दिन पूर्व सरस्वती सायकिल योजना के तहत छात्राओं को सायकिल वितरण का कार्यक्रम रखा गया था। इस कार्यक्रम में पूर्व भाजयूमो प्रदेश अध्यक्ष रवि भगत ने वहां पहुंच कर बांटी जाने वाली सायकिलों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े करते हुए घटिया किस्म की सायकिल होने का आरोप लगाया तथा उपस्थित अधिकारियों से सायकिल खरीदी का बिल बताने को कहते हुए वहीं धरना प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया था। इस पर लैलूंगा पुलिस ने रवि भगत के विरूद्ध प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए उसे जेल भेज दिया था। वहीं गुरूवार को रवि जेल से रिहा हुए और सीधे महात्मा गांधी प्रतिमा चौक पहुंच कर महात्मा गांधी को माल्यार्पण किया।

इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए रवि भगत ने कहा कि मैं शुरू से बेटियों के हक की लड़ाई लड़ते आया हूं। हमारे क्षेत्र में गुणवत्ताहीन सायकिल वितरण किया जा रहा था इसकी मैंने खरीदी का बिल मांगा और घटिया सायकिल आंबटित नहीं करने को कहा तो बताए मामले की जांच कराने मुझे जेल भेज दिया गया। अब सिर्फ सायकिल ही नहीं बल्कि ग्रामीण अंचल में शासन की योजना के तहत बांटे जाने वाले हर सामान चाहे वह तेंदुपत्ता संग्राहकों को मिलने वाल चप्पल हो, चाहे आगंनबाड़ी की बहनों को मिलने वाली साड़ी हो सभी की जांच करवाउंगा।

सामान यदि घटिया होगा तो इसके विरूद्ध जनअंदोलन भी खड़ा करूंगा और कानूनी लड़ाई भी लडूंगा। उद्योग और कोल माइंस के लिए ग्रामीणों के पुर्वजों के श्मशान घाट और उनके देव स्थान उजाड़ दिये जा रहे हैं। सोचिए उन्हें कितनी पीड़ा होती होगी और इस ओर कोई ध्यान नहीं देता है। यही वजह है कि मेरे क्षेत्र के विकास कार्य के लिए मैं सडक़ पर उतर कर संघर्ष कर रहा हूं। डीएमएफ पंड हमारे औद्योगिक क्षेत्र के नाम पर जहां गांव प्रभावित हो रहे हैं वहां के लोगों का अधिकार है और यह अधिकार पाने के लिए आगे न्यायालय की शरण में भी जाना पड़े तो जायेंगे।

रवि भगत ने लैलूंगा के ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सडक़ों पर कहा कि किसी युवा के विवाह के लिए जब लडक़ी ढूंढते हैं तो लोग कहते हैं तुम्हारे गांव जाने के लिए अच्छी सडक़ नहीं है ऐसे गांव में हम अपनी बेटी नहीं देंगे। प्रशासन से केवल जल्द निर्माण कराये जाने का आश्वासन दिया जाता है। आगामी एक अगस्त को सडक़ निर्माण की मांग को लेकर कुंजारा के पास चक्का जाम करने की चेतवानी दी गई है। मुझे लगता है कि उस आंदोलन को फेल करने के लिए ही मुझे जेल भिजवाया गया था।

वहीं भविष्य की राजनीति को लेकर रवि भगत ने कहा कि यदि समय की मांग होगी कि जनता के लिए लड़ाई लड़ते हुए जिंदगी में कभी चुनाव नहीं लडऩा पड़ेगा तो इस रास्ते को अपनायेंगे, परंतु यदि परिस्थिति ऐसी बनी की जनता के लिए चुनाव लडऩा पड़े तो चुनाव भी लडेंगे। जनता की भलाई जिसमें होगी वही कार्य करूंगा।

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