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NH-34 पर अव्यवस्थित करेला मंडी बनी हादसों का कारण!**बेरमा करेला मंडी में हाईवे पर व्यापारियों के कब्जे से लगता है भीषण जाम, दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा

NH-34 पर अव्यवस्थित करेला मंडी बनी हादसों का कारण!**बेरमा करेला मंडी में हाईवे पर व्यापारियों के कब्जे से लगता है भीषण जाम, दुर्घटनाओं का बढ़ा खतरा



*स्थानीय लोगों ने की मंडी को हाईवे से हटाने और प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग*

विशेष संवाददाता श्री निवास मिश्रा| मैहर

मैहर जिले से लगभग 15 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-34) पर स्थित बेरमा करेला मंडी इन दिनों अव्यवस्था और यातायात बाधित होने के कारण चर्चा का विषय बनी हुई है। स्थानीय लोगों और राहगीरों का आरोप है कि मंडी क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियां सीधे हाईवे तक फैल जाने से आए दिन लंबा जाम लग रहा है, जिससे वाहन चालकों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बताया जाता है कि करेला सीजन के दौरान बड़ी संख्या में व्यापारी एवं भाड़ा वाहन मंडी परिसर के बजाय हाईवे किनारे ही खड़े होकर खरीद-फरोख्त करते हैं। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग की एक बड़ी पट्टी घिर जाती है और यातायात बाधित होने लगता है। कई बार दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं, जिससे आपातकालीन सेवाओं के वाहन भी प्रभावित होते हैं।

*दुर्घटनाओं का बढ़ रहा खतरा*

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हाईवे पर अचानक रुकने वाले ट्रक, पिकअप और अन्य मालवाहक वाहनों के कारण दुर्घटनाओं की आशंका लगातार बनी रहती है। तेज रफ्तार से गुजरने वाले वाहन चालकों को अचानक जाम या सड़क पर खड़े वाहनों का सामना करना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ जाता है। लोगों ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए सवाल उठाया है कि यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा होता है तो उसकी जिम्मेदारी किसकी होगी।

*व्यापारियों के व्यवहार पर भी उठे सवाल*

कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि मंडी क्षेत्र में कुछ व्यापारी नशे की हालत में हाईवे पर हंगामा करते हैं, जिससे यातायात व्यवस्था और अधिक प्रभावित होती है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। यदि ऐसा है तो संबंधित प्रशासन एवं पुलिस द्वारा जांच कर आवश्यक कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।

*प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग*

क्षेत्रवासियों और नियमित रूप से इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों ने जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण से मांग की है कि हाईवे पर हो रहे अतिक्रमण को तत्काल हटाया जाए, करेला मंडी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा यातायात को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मंडी के लिए अलग पार्किंग एवं लोडिंग-अनलोडिंग की व्यवस्था की जाए, ताकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात बाधित न हो और दुर्घटनाओं की संभावना कम हो सके।

*प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता*

राष्ट्रीय राजमार्ग जैसे व्यस्त मार्ग पर यातायात सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। यदि सड़क पर अतिक्रमण, अव्यवस्थित व्यापारिक गतिविधियां या अन्य कारणों से जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बन रही है, तो संबंधित विभागों द्वारा मौके का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करना जनहित में महत्वपूर्ण होगा।

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