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मुनगाडीह पंचायत में पहले 15वें वित्त की राशि से फर्जी बिलों का खेल, अब वन कानून उल्लंघन! वनमार्ग पर 15 लाख के सीसी सड़क निर्माण पर वन विभाग ने लगाया रोक

मुनगाडीह पंचायत में पहले 15वें वित्त की राशि से फर्जी बिलों का खेल, अब वन कानून उल्लंघन! वनमार्ग पर 15 लाख के सीसी सड़क निर्माण पर वन विभाग ने लगाया रोक

अधोसंरचना मद की राशि से हो रहा था निर्माण.
 वित्तीय अनियमितता की जांच भी अटकी.
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साइंस वाणी न्यूज़ रायगढ़ प्राप्त जानकारी के अनुसार:- कोरबा/पाली:-* जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत मुनगाडीह में 15वें वित्त की राशि मे वारा- न्यारा करने वाले सरपंच- सचिव की मनमानी एक बार फिर उजागर हुई है। यहां वनमार्ग पर अधोसंरचना मद से 15 लाख रुपये की स्वीकृति से सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा था। वन विभाग को इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पहुँचकर काम रुकवा दिया और वन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।

*बिना अनुमति वनभूमि पर शुरू किया सीसी सड़क निर्माण:-
वनमार्ग में पक्की सड़क निर्माण की सूचना पर मौके पे पहुँची वन अमले की टीम ने पाया कि पंचायत द्वारा वन क्षेत्र की भूमि पर बिना किसी अनुमति के सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है। जहां 4- 5 मीटर तक कांक्रीट कार्य भी पूर्ण कर लिया गया था और निर्माण स्थल पर गिट्टी, रेती के ढेर भी पाया गया। जिस कार्य पर रोक लगाया गया और दोबारा निर्माण नही कराने हिदायत दी गई। मामले को लेकर पाली वन परिक्षेत्र अधिकारी योगेश्वर बंजारे ने बताया कि वनभूमि पर पंचायत अथवा किसी भी विभाग द्वारा बिना शीर्ष स्तर अनुमति के कोई भी निर्माण कार्य नही कराया जा सकता। इसके लिए वन विभाग से एनओसी और केंद्र सरकार की मंजूरी जरूरी है। अवैध निर्माण पाए जाने पर वन अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।

*फर्जी बिलों से 15वें वित्त की राशि डकारने की जांच अटकी:-
मुनगाडीह पंचायत में सरपंच- सचिव के भ्रष्ट्राचार और मनमानी की गाथा कोई नई नही है, बल्कि पंचायत में 15वें वित्त आयोग की राशि मे बड़े पैमाने पर अनियमितता के आरोप हैं। जिनमे मिडिल स्कूल शौचालय मरम्मत, प्राथमिक शाला अतिरिक्त कक्ष मरम्मत, नाली सफाई, नल- जल मरम्मत, पाइप लाइन विस्तार कार्य और पेयजल स्रोतों के रखरखाव के नाम पर बुनियादी विकास की राशि पर जमकर मुह मारा गया और लाखों हजम कर डकार भी नही ली गई। उक्त भ्रष्ट्राचार मामले की प्रसारित खबरों को तत्कालीन जिपं. सीईओ दिनेश नाग ने गंभीरता से लिया था और उन्होंने पंचायत उप संचालक को जांच के निर्देश दिए थे। जहां गत 14 मई को उप संचालक ने लिखित आदेश जारी कर 3 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन अभिमत सहित पाली जनपद से मांगा था। लेकिन 3 दिन क्या 3 महीने में भी जांच रिपोर्ट नही आई। इससे सरपंच- सचिव के हौसले इतने बुलंद हैं कि मनमानी करते हुए वनभूमि पर ही निर्माण कार्य शुरू करा दिया था। बहरहाल मुनगाडीह में विकास के नाम पर भ्रष्ट्राचार का खेल जारी है और जब तक जिम्मेदारों पर कार्रवाई नही होगी, तब तक ग्राम विकास के नाम पर सिर्फ कागजों में काम और मनमाने निर्माण होता रहेगा।

हेमंत कुमार टंडन 
जिला ब्यूरो चीफ रायगढ़ छत्तीसगढ़

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