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खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु किसान पंजीयन 31 अक्टूबर तक

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय हेतु किसान पंजीयन 31 अक्टूबर तक


 खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर धान विक्रय करने वाले किसानों के लिए पंजीयन एवं आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार नवीन किसान पंजीयन तथा पंजीकृत फसल एवं रकबे में संशोधन 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक किया जा सकेगा। किसान विभागीय वेबसाइट के ऑनलाइन सोसायटी मॉड्यूल के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

इस वर्ष सभी श्रेणी के किसानों के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य किया गया है। धान विक्रय के लिए किसानों के पास कृषि मंत्रालय, भारत सरकार के एग्रीस्टैक पोर्टल से प्राप्त फार्मर आईडी होना आवश्यक है। धान विक्रय के लिए संबंधित सभी खसरों की फार्म आईडी को किसान की फार्मर आईडी से लिंक कराना भी अनिवार्य होगा। किसानों को कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल पर अलग से पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी।

धान खरीदी के लिए केवल एग्रीस्टैक पोर्टल के डिजिटल क्रॉप सर्वे में दर्ज धान का रकबा ही मान्य होगा। फसल प्रविष्टि का कार्य 15 अगस्त से 31 अक्टूबर 2026 तक किया जाना है। ऐसे में किसानों को समय रहते अपनी फसल एवं भूमि संबंधी जानकारी सही दर्ज कराना आवश्यक है।

विगत खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीकृत किसानों को आगामी वर्ष के लिए भी पंजीकृत माना जाएगा। जिन किसानों के पास एग्रीस्टैक फार्मर आईडी और किसान कोड उपलब्ध है, उन्हें दोबारा नया पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि, यदि पिछले वर्ष के बाद क्रय-विक्रय, नामांतरण, बंटवारा, फौती अथवा अन्य माध्यम से नई भूमि प्राप्त हुई है, तो संबंधित भूमि या खसरा नंबर का संशोधन समिति अथवा उपार्जन केंद्र में जाकर कराना होगा।

जिन किसानों ने पिछले वर्ष पंजीयन नहीं कराया था और जिनके पास किसान कोड नहीं है, उन्हें पहले एग्रीस्टैक में पंजीयन कराना होगा। इसके बाद संबंधित समिति या उपार्जन केंद्र में भूमि, खसरा, बैंक खाता और नॉमिनी संबंधी विवरण दर्ज कराना होगा। वन पट्टाधारी, डूबान, शासकीय पट्टेदार, कोटवार एवं संस्थागत श्रेणी के किसानों के लिए भी एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य है। अधिया, रेगहा, बटाईदार एवं लीज के माध्यम से धान विक्रय करने वाले किसानों को एग्रीस्टैक के ऑथराइजेशन मॉड्यूल के माध्यम से अधिकृत किया जाएगा।

धान खरीदी में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए इस वर्ष भी बायोमेट्रिक आधारित खरीदी प्रणाली लागू रहेगी। किसान स्वयं अथवा उनके द्वारा नामांकित नॉमिनी के माध्यम से धान बेच सकेंगे। नॉमिनी के रूप में परिवार के नामित सदस्य एवं अन्य करीबी रिश्तेदार मान्य होंगे। नॉमिनी संबंधी संशोधन की सुविधा 1 जुलाई से धान खरीदी अवधि तक समिति स्तर पर उपलब्ध रहेगी।

कलेक्टर  रेना जमील ने जिले के किसानों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते पंजीयन एवं आवश्यक संशोधन करा लें। उन्होंने किसानों से अपनी फार्मर आईडी, सभी संबंधित खसरों की लिंकिंग, बैंक खाते और नॉमिनी विवरण की जांच कर उन्हें अद्यतन कराने का आग्रह किया है। किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर किसान संबंधित सहकारी समिति, उपार्जन केंद्र अथवा खाद्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं, ताकि धान खरीदी के समय उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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