शिक्षकों की 5 सूत्रीय मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने सरकार को चेतायामांगें पूरी नहीं हुईं तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की दी चेतावनी
25 अगस्त 2026
बसंत प्रधान जिला ब्यूरो चीफ कांकेर
कांकेर, 25 अगस्त 2026। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने शिक्षकों की वर्षों पुरानी समस्याओं और लंबित मांगों के निराकरण को लेकर प्रदेश सरकार के समक्ष 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन प्रस्तुत किया है। मोर्चा ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री सहित संबंधित अधिकारियों के नाम जिला कलेक्टर कांकेर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
मोर्चा ने TET की अनिवार्यता समाप्त कर सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने, पूर्व सेवा की गणना कर पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू सभी लाभ प्रदान करने, शिक्षकों की वेतन विसंगति दूर करने के लिए केंद्रीय वेतनमान के आधार पर वेतन निर्धारण करने की मांग रखी है।
इसके साथ ही राजपत्र संशोधन कर विसंगतियों को दूर करने तथा भर्ती एवं पदोन्नति नियमों में आवश्यक संशोधन करने और बीएड शिक्षक संवर्ग को शिक्षा विभाग की योजना बनाकर ब्रिज कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षण दिलाने की मांग भी शामिल है।
मोर्चा ने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं का लंबे समय से निराकरण नहीं होने के कारण प्रदेशभर के शिक्षक परेशान हैं। ज्ञापन के माध्यम से सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र आदेश जारी करने का आग्रह किया गया है।
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने TET मामले में 31 अगस्त 2028 तक मिले समय का उल्लेख करते हुए पदोन्नति में TET की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग भी उठाई है। मोर्चा पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि मांगों पर समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो शिक्षक अपने अधिकारों के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।