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पतरापाली में धूमधाम से मनाया गया श्री राधा-कृष्ण झूला रथ महोत्सव

पतरापाली में धूमधाम से मनाया गया श्री राधा-कृष्ण झूला रथ महोत्सव



पतरापाली (नहरपार), खरसिया। धार्मिक आस्था, भक्ति, लोक संस्कृति और सामाजिक एकता की सुंदर मिसाल पेश करते हुए पतरापाली में श्री राधा-कृष्ण झूला रथ महोत्सव का आयोजन हर वर्ष बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ किया जाता है। वर्षों से चली आ रही इस धार्मिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी शनिवार को झूला रथ महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें आसपास के क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।


महोत्सव को लेकर ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला। आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था तथा भगवान श्री राधा-कृष्ण के झूला रथ को फूलों एवं रंग-बिरंगी सजावट से भव्य रूप दिया गया। शाम 4 बजे से शुरू हुए कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।


कर्मा पार्टी की प्रस्तुति ने बांधा समां


महोत्सव के दौरान गांव की ही कर्मा पार्टी द्वारा पारंपरिक कर्मा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी गई। स्थानीय कलाकारों ने अपनी पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत का शानदार प्रदर्शन करते हुए उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। कर्मा वाद्य यंत्रों की गूंज और कलाकारों की आकर्षक नृत्य प्रस्तुति से पूरा वातावरण उत्साह और उमंग से भर गया।


गांव के स्थानीय कलाकारों द्वारा अपनी ही मिट्टी की पारंपरिक कला को प्रस्तुत करना कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रहा। ग्रामीणों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया और पूरी प्रस्तुति का आनंद लिया। धार्मिक आयोजन के साथ लोक संस्कृति की इस सुंदर प्रस्तुति ने महोत्सव को और भी यादगार बना दिया।


भक्ति गीतों और जयकारों से गूंजा परिसर


भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भक्ति गीतों, भजनों और श्री राधा-कृष्ण के जयकारों से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा। बच्चों, युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।


श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधा-कृष्ण के समक्ष शीश नवाकर सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की और झूला रथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।


धार्मिक आयोजनों में परिवार की विशेष भूमिका


झूला रथ महोत्सव का आयोजन करने वाला परिवार लंबे समय से धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। परिवार द्वारा पूर्व में श्रीमद्भागवत कथा का भी भव्य आयोजन कराया जा चुका है। धार्मिक आयोजनों के माध्यम से परिवार लोगों को आध्यात्मिकता, भक्ति, संस्कार और अपनी संस्कृति से जोड़ने का निरंतर प्रयास करता रहा है।


परिवार का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और एकता की भावना को मजबूत करना है। इसी भावना के साथ हर वर्ष श्री राधा-कृष्ण झूला रथ महोत्सव का आयोजन किया जाता है।


आस्था, संस्कृति और परंपरा का संगम


पतरापाली में आयोजित यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आस्था, लोक संस्कृति और सामाजिक एकता का संगम भी है। एक ओर जहां श्रद्धालुओं ने भगवान श्री राधा-कृष्ण के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कर्णा पार्टी की पारंपरिक प्रस्तुति ने ग्रामीण संस्कृति की समृद्ध विरासत को जीवंत कर दिया।


हर वर्ष आयोजित होने वाला यह महोत्सव अब पतरापाली की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की बढ़ती सहभागिता से आयोजन की भव्यता और उत्साह लगातार बढ़ रहा है।


आयोजकों ने महोत्सव में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं, ग्रामीणों, स्थानीय कलाकारों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया और भविष्य में भी इसी तरह धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।


आयोजक:

श्रीमती केकती बाई राठिया एवं बैकुंठवासी रूपसाय राठिया


बी डी चौहान की खास रिपोर्ट

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