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पुटूकछार में बारिश बनी आफत,पानी में समाया रपटा पुल,बच्चे नहीं जा पा रहे स्कूल..ग्रामीणों की जीना हुआ दुश्वार..!

पुटूकछार में बारिश बनी आफत,पानी में समाया रपटा पुल,बच्चे नहीं जा पा रहे स्कूल..ग्रामीणों की जीना हुआ दुश्वार..!

साइंस वाणी न्यूज़ धरमजयगढ़/कापू :- 
धरमजयगढ़। विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत पुटूकछार में खम्हार-पुटूकछार मार्ग पर नदी में बना रपटा पुल इन दिनों ग्रामीणों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। लगातार चार दिनों से हो रही बारिश के कारण नाले का जलस्तर बढ़ गया है और पानी रपटा पुल के ऊपर से तेज बहाव के साथ गुजर रहा है। स्थिति ऐसी है कि पुल का रास्ता तक नजर नहीं आ रहा, जिससे इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।बारिश की मार का सबसे गहरा असर स्कूली बच्चों पर पड़ा है। उफनते नाले के कारण बच्चे विद्यालय नहीं पहुंच पा रहे हैं और लगातार चार दिनों से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों के लिए यह स्थिति केवल आवागमन की बाधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी गंभीर परेशानी बन गई है।ग्रामीणों के अनुसार, बारिश के दिनों में नाले का जलस्तर बढ़ते ही रपटा पुल पानी में डूब जाता है। हर वर्ष बरसात के मौसम में यही स्थिति निर्मित होती है, लेकिन इसके स्थायी समाधान की दिशा में अब तक कोई ठोस पहल नजर नहीं आई है। इस बार भी लगातार चार दिनों से पुल के ऊपर पानी बहने के कारण ग्रामीणों की राह मुश्किल हो गई है।
संबंध में ग्राम पंचायत के उपसरपंच भुनेश्वर यादव सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि रपटा पुल के डूबने और आवागमन बाधित होने की समस्या पिछले कई वर्षों से चली आ रही है। इस गंभीर समस्या को लेकर क्षेत्र के विधायक तथा मुख्यमंत्री समाधान शिविर में भी शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।ग्रामीणों का कहना है कि हर बारिश में नाले का जलस्तर बढ़ते ही गांव का संपर्क प्रभावित हो जाता है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई, ग्रामीणों की आवाजाही तथा जरूरी कार्यों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। बरसात के दिनों में यदि किसी ग्रामीण को आकस्मिक रूप से उपचार के लिए बाहर ले जाना पड़े, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती है। वहीं लगातार पानी के तेज बहाव के बीच ग्रामीण अब शासन-प्रशासन से स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि रपटा पुल की समस्या का स्थायी निराकरण करते हुए ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे बरसात के दिनों में भी गांव का संपर्क बाधित न हो और बच्चों की पढ़ाई सहित ग्रामीणों की दैनिक गतिविधियां सुचारु रूप से चलती रहें।
फिलहाल पुटूकछार में बारिश आफत बनकर बरस रही है और पानी में डूबा रपटा पुल ग्रामीणों की मजबूरी की तस्वीर सामने ला रहा है। सवाल यह है कि वर्षों पुरानी इस समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा और बरसात के हर मौसम में ग्रामीणों को इसी परेशानी से कब तक गुजरना पड़ेगा?


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