*खरसिया में काव्य कलश कला एवं साहित्य मंच का भव्य शिक्षक सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन
06 सितंबर 2026
खरसिया। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में काव्य कलश कला एवं साहित्य मंच, खरसिया, जिला रायगढ़ के तत्वावधान में 06 सितंबर 2026, रविवार को गायत्री मंदिर परिसर, खरसिया में शिक्षक सम्मान समारोह एवं कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षकों, साहित्यकारों एवं कवियों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आ. डॉ. बृजभूषण द्विवेदी जी, कुलपति जागरानी देवी विश्वविद्यालय, बाराद्वार रहे। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज की वह महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जो आने वाली पीढ़ी के व्यक्तित्व और भविष्य को आकार देते हैं। शिक्षक का कार्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ संस्कार, अनुशासन, नैतिकता, आत्मविश्वास और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि जिस समाज में शिक्षकों का सम्मान होता है, वहां शिक्षा और संस्कार की नींव मजबूत होती है। उन्होंने शिक्षकों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक सम्मान जैसे आयोजन समाज में गुरु के महत्व को और अधिक स्थापित करते हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता आ. महन्तेर लाल देवांगन जी, संगठन सचिव एवं राज्यपाल पुरस्कृत शिक्षक, काव्य कलश कला एवं साहित्य मंच, खरसिया ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में आ. मनमोहन सिंह ठाकुर जी, वरिष्ठ साहित्यकार खरसिया, आ. वेदराम चौहान जी, वरिष्ठ साहित्यकार पलैमा, आ. नोहरसाय पटेल जी, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ब्लॉक इकाई खरसिया तथा आ. हरप्रसाद ढेढे जी, वरिष्ठ साहित्यकार उपस्थित रहे।
साहित्य और शिक्षा को जोड़ने का कार्य कर रहा मंच
काव्य कलश कला एवं साहित्य मंच, खरसिया द्वारा साहित्य, कला एवं शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इस आयोजन का किया गया। मंच के माध्यम से कवियों एवं साहित्यकारों को अपनी रचनाएं प्रस्तुत करने का अवसर देने के साथ-साथ समाज में साहित्यिक चेतना को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाता है। संस्था द्वारा समय-समय पर साहित्यिक कार्यक्रम, कवि सम्मेलन एवं सम्मान समारोह आयोजित कर प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन किया जाता है।
आयोजन में मंच के संस्थापक पुरुषोत्तम गुप्ता जी, अध्यक्ष प्रियंका ‘प्रिया’ जी, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष आ. अनामिका संजय अग्रवाल जी, ज्योतिषाचार्य/शिक्षक आ. राधेश्याम पटेल जी एवं प्रखर कवि एवं साहित्य प्रेमी आ. राकेश नारायण बंजारे जी सहित मंच से जुड़े पदाधिकारियों एवं सदस्यों की सक्रिय सहभागिता रही।
विभिन्न जिलों से पहुंचे शिक्षकों का हुआ सम्मान
समारोह में जिला सक्ती से नरेन्द्र कुमार वैष्णव जी, राजेन्द्र कुमार कुर्रे, धनेश राम पटेल, खेमराम पटेल जी, मनोज कुमार चौहान, वीणा खमारी, रामशंकर कर्ष, डॉ. चन्द्र कुमार चन्द्रा, श्रीमती संयोगिता रात्रे एवं लखेश्वर प्रसाद रात्रे को सम्मानित किया गया।
जिला रायगढ़ से चन्द्रमणी चौहान जी, वेदराम चौहान जी, बी.डी. चौहान, हेमप्रसाद पटेल, श्रीमती गीता जायसवाल, बद्रीनारायण दुबे जी, उज्जवला गोसाई रावत, लालकी ओहदार, श्रीमती तेरेसा केरकेट्टा, निशा गौतम, श्रीमती सपना एक्का, श्रीमती श्रद्धा शर्मा, कु. पवित्रा सिधार, श्रीमती अनिता पटेल एवं खुशबू पटेल को सम्मान प्राप्त हुआ।
जिला सारंगढ़-बिलाईगढ़ से घनश्याम साहू, अरुण कुमार देवांगन, हेमन्त कुमार साहू, आकांक्षा प्रधान ‘नित्या’, लक्ष्मण लाल नामदेव, चैतन्य कुमार साहू, अलका देवांगन, रामप्रसाद चौहान, सेत कुमार सिदार, कृष्ण कुमार गुप्ता एवं जितेन्द्र गिरी गोस्वामी को सम्मानित किया गया।
इसी क्रम में जिला बलौदाबाजार-भाटापारा से गौतम कुमार भारती, लखेश्वर प्रसाद साहू, संत कुमार साहू, जगदीश प्रसाद पटेल, साहेब लाल पटेल, राम अवतार पटेल एवं रामसागर कोसले को सम्मान प्रदान किया गया।
जिला मुंगेली से डॉ. थानू राम साहू, जिला महासमुंद से श्री सुन्दर लाल डडसेना, जिला बिलासपुर से सुनीता कुर्रे तथा सरसींवा से अंजली खूंटे को भी सम्मानित किया गया।
सभी सम्मानित शिक्षकों को मंच की ओर से सम्मान-पत्र एवं स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। विभिन्न जिलों से शिक्षकों की बड़ी संख्या में सहभागिता से समारोह में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कवि सम्मेलन में रचनाओं से बांधा समां
शिक्षक सम्मान समारोह के पश्चात कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें उपस्थित कवियों एवं साहित्यकारों ने शिक्षा, समाज, संस्कृति, राष्ट्रप्रेम, मानवीय संवेदनाओं एवं सामाजिक सरोकारों से जुड़ी रचनाओं की प्रस्तुति दी। मनमोहन सिंह ठाकुर, वेदराम चौहान, हरप्रसाद ढेढे एवं राकेश नारायण बंजारे सहित साहित्यिक प्रतिभाओं की प्रस्तुतियों को श्रोताओं ने खूब सराहा।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षक और साहित्यकार दोनों ही समाज को दिशा देने का कार्य करते हैं। शिक्षक ज्ञान एवं संस्कार के माध्यम से नई पीढ़ी तैयार करते हैं, जबकि साहित्य समाज को उसकी संस्कृति, संवेदनाओं और विचारों से जोड़ता है। ऐसे आयोजनों से शिक्षा एवं साहित्य दोनों क्षेत्रों में कार्य करने वाले लोगों को प्रोत्साहन मिलता है।
अंत में काव्य कलश कला एवं साहित्य मंच की ओर से सभी अतिथियों, सम्मानित शिक्षकों, कवियों, साहित्यकारों एवं उपस्थित साहित्यप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम शिक्षा, साहित्य और संस्कृति के सुंदर संगम के रूप में संपन्न हुआ।
बी डी चौहान की खास रिपोर्ट