-->
असमय बारिश से बुंदेलखंड में फसलें बर्बाद, किसानों ने मांगा उचित मुआवजा और पूर्ण कर्जमाफी

असमय बारिश से बुंदेलखंड में फसलें बर्बाद, किसानों ने मांगा उचित मुआवजा और पूर्ण कर्जमाफी


महोबा। अत्यधिक एवं असामयिक वर्षा के कारण बुंदेलखंड क्षेत्र में किसानों की खरीफ फसलों को भारी नुकसान पहुंचने का मामला सामने आया है। किसानों का कहना है कि उड़द, मूंग, तिल और मूंगफली की फसल लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक नष्ट हो चुकी है। फसल बर्बादी से किसानों के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है।
किसानों ने जिलाधिकारी महोबा के माध्यम से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ से नुकसान का स्थलीय सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। किसानों का आरोप है कि बीमा कंपनियों द्वारा कई स्थानों पर नुकसान की रिपोर्ट लगभग 50 प्रतिशत तैयार की जा रही है, जबकि खेतों में वास्तविक नुकसान इससे कहीं अधिक है। किसानों ने इसे उनके साथ अन्याय बताते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी सर्वे कराने की मांग की है।

किसानों ने शासन से मांग की है कि संबंधित अधिकारी गांव-गांव और खेतों में जाकर स्थलीय निरीक्षण एवं सर्वे करें तथा वास्तविक नुकसान के आधार पर किसानों को अधिक से अधिक आर्थिक सहायता और फसल बीमा की क्षतिपूर्ति दिलाई जाए।
मूंगफली मामले की जांच की मांग

किसानों ने मूंगफली से जुड़े कथित घोटाले की भी जांच कराने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी एफपीओ (FPO) की भूमिका सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।

बुंदेलखंड के किसानों की कर्जमाफी की मांग

लगातार प्राकृतिक आपदा और फसल खराब होने से आर्थिक संकट झेल रहे किसानों ने बुंदेलखंड क्षेत्र के किसानों की पूर्ण कर्जमाफी की मांग भी शासन के सामने रखी है। किसानों का कहना है कि जब फसल ही नष्ट हो गई है तो कृषि ऋण चुकाना उनके लिए बेहद मुश्किल हो गया है। ऐसे में सरकार को किसानों को राहत देते हुए कर्जमाफी की दिशा में तत्काल निर्णय लेना चाहिए।

अर्जुन बांध की नहर और सड़क क्षतिग्रस्त होने की जांच की मांग

किसानों ने मुस्करा रोड से अमराहा रोड तक अर्जुन बांध से निकली जल नहर की स्थिति की भी जांच कराने की मांग की है। किसानों के अनुसार अत्यधिक बारिश के कारण नहर की मिट्टी बह गई है तथा सड़क भी क्षतिग्रस्त हो गई है। उन्होंने संबंधित विभाग से मौके पर जांच कराकर नुकसान का आकलन एवं आवश्यक मरम्मत कार्य कराने की मांग की है।

इस दौरान अखिलेश रावत, दिनेश पाठक, रविंद्र रिछारिया, योगेश पाठक, भारत त्रिपाठी, किरण पाठक, मालती राजपूत, फूला कुशवाहा, राधा सिंह, सीताराम नायक, नरोत्तम गुप्ता, मकुंदी कुशवाहा और नफीस खान सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

रिपोर्टर— आसिफ खान, चित्रकूट धाम मंडल बांदा प्रभारी

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article