10 दिन से बिजली गुल! तेलीकोट के नहरपार मोहल्ले में अंधेरा और पेयजल संकट, आखिर कब जागेगा बिजली विभाग?
बिजली विभाग की व्यवस्था पर उठे सवाल, अंधेरे में रात गुजारने को मजबूर मोहल्लेवासी; बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों की बढ़ी परेशानी
खरसिया। रायगढ़ जिले के खरसिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत तेलीकोट के नहरपार मोहल्ले में पिछले 10 दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने से ग्रामीणों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। बिजली गुल होने का असर अब केवल घरों की रोशनी तक सीमित नहीं है, बल्कि पेयजल संकट ने भी ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए दूसरे गांव का रुख करना पड़ रहा है। लंबे समय से जारी इस समस्या को लेकर मोहल्लेवासियों में नाराजगी देखी जा रही है।
10 दिनों से अंधेरा, पानी के लिए दूसरे गांव जाने की मजबूरी
नहरपार मोहल्ले के ग्रामीणों के अनुसार, पिछले 10 दिनों से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप है। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली विभाग के अधिकारियों को समस्या की जानकारी पहले भी दी जा चुकी है, लेकिन समाधान नहीं होने से उनकी परेशानी बनी हुई है। रात होते ही पूरे मोहल्ले में अंधेरा छा जाता है। इससे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अंधेरे के कारण सांप-बिच्छू जैसे जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बना रहता है।
बिजली नहीं होने से पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूसरे गांव से पानी लाना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर ग्रामीणों को बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए कब तक परेशान होना पड़ेगा?
25 केवी ट्रांसफार्मर पर अधिक लोड, बार-बार खराबी से बढ़ी परेशानी
शिवसेना अध्यक्ष पिंटू यादव ने बताया कि नहरपार मोहल्ले में वर्तमान में 25 केवी क्षमता का ट्रांसफार्मर लगा हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, आसपास के क्षेत्रों में कृषि कार्य के लिए पानी के पंप चलने से ट्रांसफार्मर पर अधिक लोड पड़ता है, जिसके चलते उसमें बार-बार खराबी आने की समस्या बनी रहती है।
ग्रामीणों का कहना है कि कुछ महीने पहले ही 25 केवी का ट्रांसफार्मर लगाया गया था, लेकिन वह भी खराब हो गया। बार-बार ट्रांसफार्मर खराब होने और बिजली आपूर्ति बाधित रहने से मोहल्लेवासियों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इसी समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्रामीणों ने 25 केवी के पुराने ट्रांसफार्मर को बदलकर उसकी जगह 63 केवी क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ने से बार-बार होने वाली परेशानी का समाधान करने में मदद मिल सकती है और क्षेत्र में नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाया जा सकता है।
बिजली विभाग पहुंचकर सौंपा ज्ञापन, जल्द समाधान की मांग
समस्या का समाधान नहीं होने से परेशान नहरपार मोहल्ले के ग्रामीण बिजली विभाग पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इस दौरान खरसिया शिवसेना अध्यक्ष पिंटू यादव भी ग्रामीणों के साथ मौजूद रहे। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति जल्द बहाल करने और ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाने की मांग रखी।
पिंटू यादव ने विभागीय अधिकारियों से आग्रह किया कि ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि बिजली के अभाव में छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पेयजल के लिए दूसरे गांव जाने की मजबूरी और रात के अंधेरे में असुरक्षा की स्थिति को देखते हुए समस्या का शीघ्र निराकरण जरूरी है।
अब विभागीय कार्रवाई का इंतजार
नहरपार मोहल्ले के ग्रामीणों की मांग स्पष्ट है—बिजली आपूर्ति जल्द बहाल हो, बार-बार खराब होने वाले ट्रांसफार्मर की समस्या का स्थायी समाधान निकले और 25 केवी की जगह 63 केवी क्षमता का नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए।
अब देखना होगा कि बिजली विभाग ग्रामीणों की इस मांग पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है और नहरपार मोहल्ले के लोगों को बिजली तथा पेयजल संकट से कब तक राहत मिल पाती है। फिलहाल ग्रामीणों को विभागीय कार्रवाई का इंतजार है।