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कलेक्टर की सख्ती से तीन कॉलोनाइजरों ने शासन के पक्ष में सौंपी करीब 3 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि**रायगढ़ अनुभाग में अब तक लगभग 13 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि सुरक्षित, जांच की कार्रवाई आगे भी रहेगी जारी

कलेक्टर की सख्ती से तीन कॉलोनाइजरों ने शासन के पक्ष में सौंपी करीब 3 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि**रायगढ़ अनुभाग में अब तक लगभग 13 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि सुरक्षित, जांच की कार्रवाई आगे भी रहेगी जारी



 साइंस वाणी न्यूज रायगढ़ प्राप्त जानकारी के:-रायगढ़, 5 अक्टूबर 2026/ रायगढ़ शहर और आसपास के क्षेत्रों में कॉलोनाइजरों द्वारा विकसित की जा रही कॉलोनियों में ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के लिए निर्धारित भूमि की स्थिति स्पष्ट करने और उसे शासन के पक्ष में सुरक्षित करने की कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर राजस्व विभाग द्वारा की जा रही जांच के परिणामस्वरूप तीन अन्य कॉलोनाइजरों ने करीब 3 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि शासन के पक्ष में रजिस्ट्री के माध्यम से हस्तांतरित की है। इससे रायगढ़ अनुभाग में अब तक लगभग 13 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि शासन के पक्ष में सुरक्षित की जा चुकी है।
           कलेक्टर चतुर्वेदी ने 1 सितंबर 2025 को जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को ईडब्ल्यूएस भूमि से संबंधित अभिलेखों की जांच करने तथा जांच के बाद शासन के पक्ष की ईडब्ल्यूएस भूमि को सुरक्षित करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद रायगढ़ अनुभाग अंतर्गत रायगढ़ एवं पुसौर तहसील में संबंधित भूमि और अभिलेखों की जांच की कार्रवाई शुरू की गई।
            रायगढ़ अनुभाग में चिन्हित 17 कॉलोनाइजरों में से 12 के ईडब्ल्यूएस भूमि से संबंधित अभिलेखों की जांच की गई। जांच में विभिन्न ग्रामों में कुल 10 एकड़ 12 डिसमिल ईडब्ल्यूएस भूमि उपलब्ध पाई गई, जिसे राजस्व अधिकारियों द्वारा सुरक्षित कर अपने कब्जे में लिया गया। यह भूमि पण्डरीपानी, बड़े अतरमुड़ा, पुसौर, छींच, गोपालपुर सहित अन्य ग्रामों में स्थित है। जांच के दौरान शेष पांच कॉलोनाइजरों के अभिलेखों में ईडब्ल्यूएस भूमि के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं होने पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), रायगढ़ द्वारा संबंधित कॉलोनाइजरों को नोटिस जारी कर भूमि से संबंधित अभिलेख और लेखा-जोखा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
इसी कार्रवाई के तहत श्री सांई आनंद विहार द्वारा ग्राम जोरापाली के खसरा नंबर 15000 में 0.341 हेक्टेयर, हाईटेक बिल्डर एंड डेवलपर्स द्वारा ग्राम बड़े अतरमुड़ा के खसरा नंबर 15002/1 में 0.483 हेक्टेयर तथा स्वर्णभूमि बिल्डर्स द्वारा ग्राम पण्डरीपानी के खसरा नंबर 56/1 एवं 56/2 में 0.428 हेक्टेयर भूमि विगत माह शासन के पक्ष में ईडब्ल्यूएस भूमि के रूप में रजिस्ट्री के माध्यम से हस्तांतरित की गई। राजस्व विभाग के अनुसार ईडब्ल्यूएस भूमि से संबंधित अभिलेखों की जांच और आवश्यक कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं वंचित वर्गों के लिए निर्धारित भूमि को सुरक्षित रखना और उसका नियमानुसार उपयोग सुनिश्चित करना है।
           कलेक्टर के निर्देश पर चल रही इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप रायगढ़ अनुभाग में विभिन्न कॉलोनाइजरों से अब तक लगभग 13 एकड़ ईडब्ल्यूएस भूमि शासन के पक्ष में सुरक्षित की जा चुकी है। राजस्व विभाग द्वारा शेष प्रकरणों में भी अभिलेखों की जांच कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 हेमंत कुमार टंडन 
जिला ब्यूरो चीफ रायगढ़ छत्तीसगढ़
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