-->
भ्रष्टाचार मुक्त कविता अब जागना होगा

भ्रष्टाचार मुक्त कविता अब जागना होगा

भ्रष्टाचार की इस दीमक ने देश को अंदर से खाया है चांद रूपों के खातिर इंसानों ने अपना ईमान गवाया है हक मरता है मासूमों का महलों में एस मानते हैं 
देशभक्ति की बातें करके देश को खोखला बनाते हैं 
पर अब थमेगा यह मंजर अब एक नया आगाज होगा 
हर भारतवासी के दिल में ईमानदारी का साज होगा 
रिश्वत को हम ना बोलेंगे नियमों का सम्मान करेंगे 
चोरी और चालाकी का मिलकर हम संधान करेंगे 
नेताओं औरअफसरों से ही केवल बदलाव नहीं आता है 
जब तक खुद हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता 
तोड़ो इस चुप्पी को अब आवाज उठानी होगी 
भ्रष्टाचार की इस रावण को मिलकर आग लगानी होगी 
चलो कम हम आज यह खाएं नया सवेरा लाएगे रिश्वत मुक्त पारदर्शी एक श्रेष्ठ भारत बनाएंगे 
भ्रष्टाचार मिटेगा जब तभी तिरंगा शान से लहराएगा 
हमारा देश भारत फिर से सोने का चिड़िया कहलाएगा 
🌍जय विज्ञान जय विज्ञान🌎 ब्लॉक संवाददाता सेत कुमार प्रजा 
ग्राम पंचायत बजरमुंडा थाना तमनार जिला रायगढ़। छत्तीसगढ़

Ads on article

Advertise in articles 1

advertising articles 2

Advertise under the article