भ्रष्टाचार मुक्त कविता अब जागना होगा
11 अक्टूबर 2026
भ्रष्टाचार की इस दीमक ने देश को अंदर से खाया है चांद रूपों के खातिर इंसानों ने अपना ईमान गवाया है हक मरता है मासूमों का महलों में एस मानते हैं
देशभक्ति की बातें करके देश को खोखला बनाते हैं
पर अब थमेगा यह मंजर अब एक नया आगाज होगा
हर भारतवासी के दिल में ईमानदारी का साज होगा
रिश्वत को हम ना बोलेंगे नियमों का सम्मान करेंगे
चोरी और चालाकी का मिलकर हम संधान करेंगे
नेताओं औरअफसरों से ही केवल बदलाव नहीं आता है
जब तक खुद हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता
तोड़ो इस चुप्पी को अब आवाज उठानी होगी
भ्रष्टाचार की इस रावण को मिलकर आग लगानी होगी
चलो कम हम आज यह खाएं नया सवेरा लाएगे रिश्वत मुक्त पारदर्शी एक श्रेष्ठ भारत बनाएंगे
भ्रष्टाचार मिटेगा जब तभी तिरंगा शान से लहराएगा
हमारा देश भारत फिर से सोने का चिड़िया कहलाएगा
🌍जय विज्ञान जय विज्ञान🌎 ब्लॉक संवाददाता सेत कुमार प्रजा
ग्राम पंचायत बजरमुंडा थाना तमनार जिला रायगढ़। छत्तीसगढ़