लिबरा के डिपापारा में नौ दिनों तक गूंजे माता रानी के जयकारे, भजन-कीर्तन और आरती से भक्तिमय हुआ गांव का माहौल
19 अक्टूबर 2026
नवमी पर कन्या भोज एवं भंडारे का आयोजन, बाजे-गाजे के साथ धूमधाम से निकाली गई विसर्जन यात्रा; वर्षों से चली आ रही धार्मिक परंपरा में दिखी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था
संवाददाता : संतोष कुमार चौहान / साइंस वाणी न्यूज़, लैलूंगा
लैलूंगा। रायगढ़ जिले के विकासखंड लैलूंगा अंतर्गत ग्राम लिबरा के डिपापारा में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी शारदीय नवरात्रि का पर्व श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। नवरात्रि के पावन अवसर पर माता रानी के भक्तों द्वारा विधि-विधान से कलश स्थापना कर नौ दिनों तक पूजा-अर्चना, आरती एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इस दौरान डिपापारा सहित पूरे ग्राम लिबरा का वातावरण भक्तिमय बना रहा। सुबह और शाम माता रानी की आरती के साथ भजन-कीर्तन की गूंज सुनाई देती रही, जिसमें गांव के श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर माता की आराधना करते रहे।
नवरात्रि के दौरान माता रानी के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और भक्ति देखने को मिली। गांव के भक्तों ने नौ दिनों तक उपवास रखकर माता की पूजा-अर्चना की तथा परिवार, गांव और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस धार्मिक आयोजन में केवल ग्राम लिबरा ही नहीं, बल्कि आसपास के अनेक गांवों से भी श्रद्धालु भक्त पहुंचकर पूजा-अर्चना में शामिल हुए। भक्तों की उपस्थिति और धार्मिक उत्साह से नवरात्रि का आयोजन विशेष बन गया।
बाजे-गाजे के साथ ढेम नदी से लाया गया कलश, विधि-विधान से हुई स्थापना
नवरात्रि के प्रथम दिन डिपापारा के श्रद्धालु भक्त बाजे-गाजे के साथ लिबरा स्टाप के समीप स्थित ढेम नदी पहुंचे। वहां से कलश लाने की पारंपरिक प्रक्रिया श्रद्धा और उत्साह के साथ पूरी की गई। इसके बाद भक्तों ने विधि-विधान के साथ माता रानी के दरबार में कलश स्थापना की और नवरात्रि की पूजा-अर्चना का शुभारंभ किया।
कलश स्थापना के साथ ही पूरे क्षेत्र में नवरात्रि पर्व की रौनक दिखाई देने लगी। माता रानी के भक्तों ने नौ दिनों तक नियमपूर्वक पूजा-पाठ और उपवास का पालन किया। इस दौरान श्रद्धालु सुबह और शाम माता रानी की आरती में शामिल होते रहे। पूजा स्थल पर भजन-कीर्तन का आयोजन भी लगातार चलता रहा, जिससे डिपापारा और आसपास का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा एवं भक्ति भावना से ओतप्रोत रहा।
नौ दिनों तक सुबह-शाम आरती और भजन-कीर्तन से गूंजता रहा डिपापारा
नवरात्रि के पूरे नौ दिनों तक सुबह और शाम माता रानी की आरती की गई। इसके साथ ही श्रद्धालुओं द्वारा भजन-कीर्तन कर माता की महिमा का गुणगान किया गया। माता रानी के जयकारों और भक्तिमय गीतों से पूजा स्थल गूंजता रहा। गांव के महिला, पुरुष एवं अन्य श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-अर्चना में शामिल होकर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त करते रहे।
नवरात्रि के दौरान गांव के लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रतिदिन पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। आरती और भजन-कीर्तन के समय भक्तों की सहभागिता से धार्मिक आयोजन में चार चांद लग गए। नौ दिनों तक चले इस आयोजन ने गांव के लोगों को एक साथ जोड़ने के साथ ही आपसी मेल-मिलाप, सामाजिक एकता और धार्मिक परंपराओं को भी मजबूती प्रदान की।
स्थानीय श्रद्धालुओं की आस्था और सहभागिता के चलते लिबरा गांव की बस्ती पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूबी रही। माता रानी के भजनों पर भक्त भाव-विभोर होकर झूमते नजर आए। नवरात्रि के दौरान गांव में श्रद्धा, उल्लास और धार्मिक उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला।
नवमी पर कन्या भोज एवं भंडारे का आयोजन
नवरात्रि के नौवें दिन नवमी के पावन अवसर पर माता रानी के भक्तों द्वारा कन्या भोज एवं भंडारे का आयोजन किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कन्या पूजन और कन्या भोज को विशेष महत्व दिया जाता है। इसी परंपरा का निर्वहन करते हुए श्रद्धालुओं ने कन्या भोज कराया तथा माता रानी के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
नवमी के दिन पूजा-अर्चना के साथ भक्तों ने माता रानी से परिवार और गांव की सुख-शांति, समृद्धि तथा खुशहाली की कामना की। कन्या भोज एवं भंडारे के आयोजन से धार्मिक कार्यक्रम में सेवा और समर्पण की भावना भी देखने को मिली। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ नवरात्रि के अंतिम दिन की पूजा संपन्न की।
डिपापारा से लिबरा बस्ती तक निकली विसर्जन यात्रा, नाचते-गाते भक्तों ने दी माता रानी को विदाई
नवरात्रि के नौ दिनों तक चले पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रमों के समापन पर शाम को माता रानी के विसर्जन की तैयारी की गई। इसके बाद डिपापारा से बाजे-गाजे के साथ श्रद्धालु भक्तों ने विसर्जन यात्रा निकाली। यात्रा के दौरान भक्त नाचते-गाते और माता रानी के जयकारे लगाते हुए लिबरा की मुख्य बस्ती की ओर बढ़े।
विसर्जन यात्रा के दौरान गांव का माहौल पूरी तरह रंगारंग और भक्तिमय नजर आया। ढोल-नगाड़ों और धार्मिक गीतों की धुन पर श्रद्धालु झूमते रहे। माता रानी के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। भक्तों के चेहरों पर जहां नवरात्रि पर्व के सफल आयोजन की खुशी दिखाई दे रही थी, वहीं नौ दिनों तक माता की सेवा और आराधना के बाद विदाई का भाव भी नजर आया।
श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ विसर्जन की प्रक्रिया पूरी की। इस दौरान गांव के इष्ट देव की भी पूजा-अर्चना की गई। धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए भक्तों ने माता रानी से अगले वर्ष पुनः आगमन की प्रार्थना की तथा गांव में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की कामना की।
वर्षों से चली आ रही परंपरा में दिखी ग्रामीणों की अटूट आस्था
ग्राम लिबरा के डिपापारा में नवरात्रि के अवसर पर माता रानी की पूजा-अर्चना की परंपरा वर्षों से चली आ रही है। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह, श्रद्धा और समर्पण के साथ इस धार्मिक आयोजन में भाग लिया। नौ दिनों तक चले पूजा-पाठ, आरती, भजन-कीर्तन, उपवास, कन्या भोज और विसर्जन कार्यक्रम ने गांव में धार्मिक वातावरण बनाए रखा।
इस आयोजन की विशेषता यह रही कि ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से माता रानी की आराधना की और पारंपरिक रीति-रिवाजों को आगे बढ़ाया। आसपास के गांवों से पहुंचे श्रद्धालुओं की सहभागिता ने आयोजन को और भी विशेष बना दिया। विसर्जन के दौरान नाचते-गाते भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। माता रानी के भजनों और जयकारों के बीच पूरा गांव भक्तिरस में सराबोर रहा।
नवरात्रि का यह पर्व एक बार फिर ग्राम लिबरा के डिपापारा में धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत कर गया। नौ दिनों तक माता रानी की भक्ति में लीन रहे श्रद्धालुओं ने पूरे उल्लास के साथ पर्व का समापन किया। इस प्रकार ग्राम लिबरा के डिपापारा में नवरात्रि का आयोजन श्रद्धा, भक्ति, सेवा और सामूहिक सहभागिता के साथ संपन्न हुआ।