वरिष्ठ पत्रकार गोपालकृष्ण नायक ‘देहाती’ को पत्रकार संघ ने दी श्रद्धांजलि, कहा—उनकी निष्पक्ष पत्रकारिता हमेशा रहेगी याद
खरसिया। कुछ लोग केवल अपने काम से पहचान नहीं बनाते, बल्कि अपने विचारों, व्यवहार और वर्षों के समर्पण से लोगों के दिलों में ऐसी जगह बना लेते हैं, जिसे समय भी मिटा नहीं पाता। खरसिया अंचल के वरिष्ठ पत्रकार गोपालकृष्ण कृष्ण नायक ‘देहाती’ भी ऐसी ही शख्सियत थे, जिनका जाना स्थानीय पत्रकारिता जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। 30 सितंबर 2026 को हृदयाघात से उनके आकस्मिक निधन के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
इसी दुखद घड़ी में 9 अक्टूबर 2026 को उनके गृह ग्राम रक्सापाली में आयोजित दशकर्म कार्यक्रम में खरसिया पत्रकार संघ के पदाधिकारी पहुंचे। उन्होंने अपने वरिष्ठ पत्रकार साथी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान माहौल गमगीन रहा और उपस्थित पत्रकारों ने गोपाल नायक ‘देहाती’ के साथ बिताए समय तथा पत्रकारिता में उनके योगदान को याद किया।
दशकों की निष्पक्ष पत्रकारिता से बनाई अलग पहचान
गोपालकृष्ण कृष्ण नायक ‘देहाती’ ने अपनी लंबी पत्रकारिता यात्रा के दौरान खरसिया अंचल में निष्पक्ष पत्रकारिता की एक अलग पहचान बनाई। दशकों तक जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने लाने और क्षेत्र की आवाज को मंच देने में उनका योगदान याद किया जाता रहेगा। पत्रकारिता के प्रति उनका समर्पण और उनका अनुभव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
पत्रकार संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि गोपाल नायक का जाना केवल एक वरिष्ठ पत्रकार का बिछड़ना नहीं, बल्कि खरसिया की पत्रकारिता जगत से एक अनुभवी और सम्मानित साथी का चले जाना है। उन्होंने कहा कि जब भी क्षेत्र में निष्पक्ष और जनहितकारी पत्रकारिता की चर्चा होगी, गोपालकृष्ण नायक ‘देहाती’ का नाम पूरे सम्मान के साथ लिया जाएगा।
दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा रहेगा पत्रकार संघ
श्रद्धांजलि देने पहुंचे पत्रकारों ने शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि पत्रकार साथी के चले जाने से उनका परिवार अकेला नहीं है। पत्रकार संघ परिवार के सुख-दुख में हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा और जरूरत के समय हर संभव सहयोग का प्रयास करेगा।
उन्होंने कहा कि किसी साथी के निधन से उत्पन्न रिक्तता को भर पाना आसान नहीं होता, लेकिन ऐसे समय में एक-दूसरे का साथ ही सबसे बड़ा संबल बनता है। गोपाल नायक ‘देहाती’ के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि उनके मूल्यों, निष्पक्षता और जनहित के प्रति समर्पण को आगे बढ़ाया जाए।
यादों में हमेशा जीवित रहेंगे ‘देहाती’
खरसिया की पत्रकारिता और सामाजिक जीवन से जुड़े लोगों के बीच गोपाल नायक ‘देहाती’ की यादें लंबे समय तक बनी रहेंगी। वर्षों तक अपने काम के माध्यम से क्षेत्र से जुड़े रहने वाले इस वरिष्ठ पत्रकार की कमी उनके साथियों और परिचितों को महसूस होती रहेगी।
श्रद्धांजलि देने पहुंचे पत्रकार जयप्रकाश डनसेना, विद्या चौहान, मंगलेश डनसेना, किशोर चौहान और गुलाब डनसेना ने उन्हें नमन करते हुए अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
गोपालकृष्ण नायक ‘देहाती’ आज भले ही हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन दशकों की उनकी पत्रकारिता, जनहित के प्रति उनका समर्पण और साथियों के बीच बनी उनकी पहचान हमेशा स्मृतियों में जीवित रहेगी।