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वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह: खरसिया के ग्राम कुर्रू-जोबी में वन विभाग ने ग्रामीणों और बच्चों को किया जागरूक

वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह: खरसिया के ग्राम कुर्रू-जोबी में वन विभाग ने ग्रामीणों और बच्चों को किया जागरूक








वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह में कुर्रू-जोबी में वन विभाग ने ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को किया जागरूक

साइंस वाणी न्यूज़ | खरसिया।

खरसिया वन परिक्षेत्र अंतर्गत कुर्रू-जोबी सर्किल के ग्राम कुर्रू-जोबी में 2 अक्टूबर 2026 को वन विभाग द्वारा वन्य प्राणी संरक्षण सप्ताह के तहत विशेष जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। गांधी जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने को लेकर ग्रामीणों एवं स्कूली बच्चों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।




कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को यह समझाना रहा कि वन और वन्यजीव पारिस्थितिकी तंत्र के अभिन्न अंग हैं। वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने ग्रामीणों से जंगलों की सुरक्षा में सहयोग करने तथा वन्यजीवों के संरक्षण को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में निभाने की अपील की।

गांधी जयंती पर अहिंसा और जीव दया का संदेश

2 अक्टूबर को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अहिंसा, जीव दया और प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। ग्रामीणों और बच्चों को वन्य प्राणियों के महत्व तथा उनके प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने की आवश्यकता के बारे में बताया गया।




बच्चों ने लिया बढ़-चढ़कर हिस्सा

कार्यक्रम में स्थानीय स्कूली बच्चों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। चित्रों, नारों और संवाद के माध्यम से बच्चों को वन्यजीवों की उपयोगिता तथा पर्यावरण संतुलन में उनकी भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। बच्चों को जंगल एवं वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील रहने के लिए प्रेरित किया गया।

हाथियों की आवाजाही को लेकर ग्रामीणों को किया सतर्क

कुर्रू-जोबी एवं आसपास के वनांचल क्षेत्रों में हाथियों सहित अन्य वन्यजीवों की आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने ग्रामीणों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि जंगल में अनावश्यक प्रवेश से बचें, वन्यजीवों को परेशान न करें और किसी जंगली जानवर के गांव या आबादी के आसपास दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

अवैध शिकार और जंगल में आग से बचाव पर जोर

वन विभाग की ओर से ग्रामीणों को अवैध शिकार रोकने, जंगलों को नुकसान से बचाने तथा वन क्षेत्र में आग न लगाने के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि वन और वन्यजीवों की सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति की सामूहिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम के दौरान वन अधिकारियों ने कहा कि वन्य प्राणी केवल जंगल की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए वन्यजीवों की सुरक्षा और उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण जरूरी है।

आपात स्थिति में वन विभाग को दें तत्काल सूचना

ग्रामीणों को वन्यजीवों से संबंधित किसी भी आपात स्थिति में वन विभाग को तत्काल सूचना देने की अपील की गई। विभाग की ओर से आवश्यक आपातकालीन संपर्क व्यवस्था की जानकारी भी ग्रामीणों के साथ साझा की गई, ताकि जंगली जानवर के गांव के समीप आने अथवा किसी वन्यजीव के संकट में होने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।

ग्रामीणों और बच्चों ने लिया संरक्षण का संकल्प

कार्यक्रम के समापन अवसर पर उपस्थित ग्रामीणों, बच्चों एवं जनप्रतिनिधियों ने वन्य प्राणियों की रक्षा करने, जंगल में आग नहीं लगाने, अवैध शिकार को रोकने तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।

इस अवसर पर खरसिया वन परिक्षेत्र के वन अधिकारी-कर्मचारी, बीट गार्ड, कुर्रू-जोबी सर्किल का अमला तथा बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं बच्चे उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से वन विभाग ने ग्रामीणों के बीच वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर जागरूकता का मजबूत संदेश दिया।

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