दोस्त से मिलने कोरिया से सुंदरगढ़ पहुंचे जेम्स, सोशल मीडिया की दोस्ती बनी मिसाल
10 अक्टूबर 2026
Science Vani News
जिला ब्यूरो चीफ : धर्मेंद्र दास
सुंदरगढ़, ओडिशा। दुनिया में सभी रिश्तों के बीच दोस्ती का रिश्ता बेहद खास और अनोखा होता है। न जाने कब, किससे और कैसे आत्मीयता का रिश्ता जुड़ जाए, इसकी कोई सीमा नहीं होती। ऐसी ही एक अनोखी दोस्ती का उदाहरण ओडिशा के सुंदरगढ़ में देखने को मिला है, जहां सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक के माध्यम से दक्षिण कोरिया के जेम्स और सुंदरगढ़ के रंगाडीपा निवासी अंकित पांडिया के बीच दोस्ती हुई। इसी दोस्ती को हकीकत में बदलने के लिए जेम्स कोरिया से सुंदरगढ़ पहुंचे।
जानकारी के अनुसार, अंकित पांडिया और जेम्स पिछले तीन वर्षों से फेसबुक पर चैटिंग के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में थे। बातचीत के दौरान दोनों के बीच धीरे-धीरे गहरी दोस्ती हो गई। समय के साथ यह ऑनलाइन परिचय आत्मीय रिश्ते में बदल गया और दोनों एक-दूसरे के विचारों तथा रुचियों को जानने लगे।
अंकित पांडिया की रचनात्मक प्रतिभा ने जेम्स को विशेष रूप से आकर्षित किया। अंकित विभिन्न प्रकार के रॉकेट और हेलीकॉप्टर के मॉडल तैयार करते थे तथा उनकी तस्वीरें फेसबुक पर पोस्ट करते थे। इन मॉडलों को देखकर जेम्स के मन में अंकित से मिलने और उनके द्वारा तैयार किए गए मॉडलों को प्रत्यक्ष रूप से देखने की इच्छा जाग उठी।
फेसबुक पर लगातार बातचीत और विचारों के आदान-प्रदान के दौरान जेम्स की भारत आने तथा अपने मित्र अंकित के घर पहुंचकर उनसे मुलाकात करने की उत्सुकता बढ़ती गई। आखिरकार तीन वर्षों की ऑनलाइन दोस्ती को वास्तविक जीवन में बदलने के लिए जेम्स कोरिया से सुंदरगढ़ पहुंच गए।
जेम्स का यह कदम इस बात का उदाहरण है कि सच्ची दोस्ती के सामने दूरी और देश की सीमाएं भी बाधा नहीं बनतीं। सोशल मीडिया पर शुरू हुआ एक सामान्य परिचय किस तरह गहरे मित्रता संबंध में बदल सकता है, यह घटना उसी की मिसाल है।
आज के डिजिटल युग में जहां सोशल मीडिया का उपयोग कई तरह से किया जाता है, वहीं यह घटना इसके सकारात्मक पहलू को भी सामने लाती है। फेसबुक के माध्यम से शुरू हुई दोस्ती ने दो अलग-अलग देशों के लोगों को एक-दूसरे के करीब ला दिया।
साइंस वाणी न्यूज़, सुंदरगढ़ (ओडिशा)।
जिला ब्यूरो चीफ : धर्मेंद्र दास
ବନ୍ଧୁତ୍ୱର ଡୋରିରେ ବାନ୍ଧି ହୋଇ କୋରିଆରୁ ସୁନ୍ଦରଗଡ଼, ବନ୍ଧୁ ଅଙ୍କିତଙ୍କୁ ଭେଟିବାକୁ ପହଞ୍ଚିଲେ ଜେମ୍ସ
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District Bureau Chief: Dharmendra Das
ସୁନ୍ଦରଗଡ଼: ସମସ୍ତ ସମ୍ପର୍କ ମଧ୍ୟରେ ବନ୍ଧୁତ୍ୱର ସମ୍ପର୍କ ଅତ୍ୟନ୍ତ ନିଆରା। କେତେବେଳେ, କାହା ସହିତ ଆତ୍ମୀୟ ବନ୍ଧୁତ୍ୱ ଗଢ଼ି ଉଠିବ, ତାହାର କୌଣସି ନିର୍ଦ୍ଦିଷ୍ଟ ସୀମା ନଥାଏ। ଏହାର ଏକ ନିଆରା ଉଦାହରଣ ଦେଖିବାକୁ ମିଳିଛି ସୋସିଆଲ ମିଡିଆ ଫେସବୁକ୍ ମାଧ୍ୟମରେ। ଦୂର କୋରିଆର ଜେମ୍ସ ଏବଂ ସୁନ୍ଦରଗଡ଼ର ରଙ୍ଗାଡିପା ଗ୍ରାମର ଅଙ୍କିତ ପାଣ୍ଡିଆଙ୍କ ମଧ୍ୟରେ ଫେସବୁକ୍ ଚାଟିଂରୁ ଆରମ୍ଭ ହୋଇଥିବା ବନ୍ଧୁତ୍ୱ ଆଜି ଏକ ନିଆରା ସମ୍ପର୍କର ରୂପ ନେଇଛି।
ସୂଚନା ଅନୁଯାୟୀ, ଗତ ତିନି ବର୍ଷ ଧରି ଅଙ୍କିତ ଓ ଜେମ୍ସ ଫେସବୁକ୍ ମାଧ୍ୟମରେ ପରସ୍ପର ସହିତ ଭାବର ଆଦାନପ୍ରଦାନ କରି ଆସୁଥିଲେ। ଏହି ଅନଲାଇନ୍ ବନ୍ଧୁତ୍ୱ ଧୀରେ ଧୀରେ ଗଭୀର ଆତ୍ମୀୟତାରେ ପରିଣତ ହୋଇଥିଲା। କଥାବାର୍ତ୍ତା ସମୟରେ ଅଙ୍କିତଙ୍କ ରୁଚି, କାର୍ଯ୍ୟ ଏବଂ ତାଙ୍କ ଦ୍ୱାରା ତିଆରି ବିଭିନ୍ନ ମଡେଲ୍ ବିଷୟରେ ଜାଣି ଜେମ୍ସଙ୍କ ମନରେ ଭାରତ ଆସିବା ସହ ତାଙ୍କ ବନ୍ଧୁଙ୍କୁ ସାକ୍ଷାତ କରିବାର ଆଗ୍ରହ ବଢ଼ିଥିଲା।
ଅଙ୍କିତ ପାଣ୍ଡିଆ ବିଭିନ୍ନ ପ୍ରକାରର ରକେଟ୍ ଓ ହେଲିକପ୍ଟରର ମଡେଲ୍ ତିଆରି କରି ସେଗୁଡ଼ିକର ଫଟୋ ଫେସବୁକ୍ରେ ପୋଷ୍ଟ କରୁଥିଲେ। ତାଙ୍କର ଏହି ସୃଜନଶୀଳ କାର୍ଯ୍ୟ ଜେମ୍ସଙ୍କୁ ବେଶ୍ ଆକର୍ଷିତ କରିଥିଲା। ଅଙ୍କିତଙ୍କ ତିଆରି ମଡେଲ୍ଗୁଡ଼ିକୁ ସାମ୍ନାସାମ୍ନି ଦେଖିବା ସହ ବନ୍ଧୁଙ୍କୁ ଭେଟିବା ପାଇଁ ଜେମ୍ସଙ୍କ ମନରେ ଗଭୀର ଇଚ୍ଛା ସୃଷ୍ଟି ହୋଇଥିଲା।
ଶେଷରେ ଦୀର୍ଘ ଦିନର ଅନଲାଇନ୍ ବନ୍ଧୁତ୍ୱକୁ ବାସ୍ତବ ଜୀବନରେ ରୂପ ଦେବା ପାଇଁ ଜେମ୍ସ କୋରିଆରୁ ସୁନ୍ଦରଗଡ଼ରେ ପହଞ୍ଚି ନିଜ ବନ୍ଧୁ ଅଙ୍କିତଙ୍କୁ ସାକ୍ଷାତ କରିବାର ନିଆରା ପଦକ୍ଷେପ ନେଇଛନ୍ତି।
ଏହି ଘଟଣା ପ୍ରମାଣ କରୁଛି ଯେ ବନ୍ଧୁତ୍ୱ ପାଇଁ ଦୂରତା କେବେ ବାଧକ ହୋଇପାରେ ନାହିଁ। ଦେଶ ଓ ବିଦେଶର ସୀମା ଡେଇଁ ମଧ୍ୟ ସୋସିଆଲ ମିଡିଆ ମଣିଷକୁ ମଣିଷ ସହ ଯୋଡ଼ିପାରେ ଏବଂ ଏକ ଆତ୍ମୀୟ ସମ୍ପର୍କ ଗଢ଼ି ତୋଳିପାରେ।
ସାଇନ୍ସ ବାଣୀ ନ୍ୟୁଜ୍, ସୁନ୍ଦରଗଡ଼, ଓଡ଼ିଶା।