राजस्थान के कोटा शहर में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए गए
08 मई 2020
नवागढ़ ब्लाक रिपोर्टर बंसी लाल केंवट
राजस्थान के कोटा शहर में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए गए छत्तीसगढ़ के छात्रों को सप्ताह भर पूर्व लाया गया था। इसमें जिले के 121 छात्र और आठ पालक सहित 130 लोग शामिल थे। छात्रों को कोटा से लाने के बाद उनका रैपिड किट से जांच कर रायपुर में ही क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था। आधी रात को सभी छात्रों को जांजगीर लाया गया। जिले के छात्र-छात्राओं को लेकर आने वाली बस रात 3 बजे के करीब जिला मुख्यालय जांजगीर पहुंची। छात्रों को लेने के लिए उनके पालक सोमवार की शाम से ही जांजगीर के पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर पहुंच गए थे। सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद छात्रों को उनके पालकों को सौंपने के लिए डिप्टी कलेक्टर करूण डहरिया, तहसीलदार प्रकाश चंद्र साहू, नायब तहसीलदार शेखर पटेल और अन्य अधिकारी- कर्मचारी रातभर डटे रहे। सुबह 8 बजे तक यह प्रक्रिया चली। छात्रों को घर जाने के बाद 14 दिनों तक होम क्वारैंटाइन में रहना होगा। इसके लिए छात्रों और उनके पालकों से शपथ पत्र भराया गया है।
चेहरे पर दिखी घर पहुंचने की खुशी
छात्र-छात्राओं के कोटा से वापस आने के बाद पालकों ने राहत की सांस ली । वहीं बच्चे भी अपने घर पहुंचने को लेकर खुश नजर आए। उनके चेहरे पर अपने परिजनों से मिलने और घर पहुंचने की खुशी साफ झलक रही थी। जैजैपुर की योगिता साहू ने बताया कि रायपुर से जांजगीर लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अच्छी व्यवस्था की गई थी। यहां पहुंचने में उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई।
राजस्थान के कोटा शहर में मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए गए छत्तीसगढ़ के छात्रों को सप्ताह भर पूर्व लाया गया था। इसमें जिले के 121 छात्र और आठ पालक सहित 130 लोग शामिल थे। छात्रों को कोटा से लाने के बाद उनका रैपिड किट से जांच कर रायपुर में ही क्वारेंटाइन सेंटर में रखा गया था। आधी रात को सभी छात्रों को जांजगीर लाया गया। जिले के छात्र-छात्राओं को लेकर आने वाली बस रात 3 बजे के करीब जिला मुख्यालय जांजगीर पहुंची। छात्रों को लेने के लिए उनके पालक सोमवार की शाम से ही जांजगीर के पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर पहुंच गए थे। सारी औपचारिकता पूरी करने के बाद छात्रों को उनके पालकों को सौंपने के लिए डिप्टी कलेक्टर करूण डहरिया, तहसीलदार प्रकाश चंद्र साहू, नायब तहसीलदार शेखर पटेल और अन्य अधिकारी- कर्मचारी रातभर डटे रहे। सुबह 8 बजे तक यह प्रक्रिया चली। छात्रों को घर जाने के बाद 14 दिनों तक होम क्वारैंटाइन में रहना होगा। इसके लिए छात्रों और उनके पालकों से शपथ पत्र भराया गया है।
चेहरे पर दिखी घर पहुंचने की खुशी
छात्र-छात्राओं के कोटा से वापस आने के बाद पालकों ने राहत की सांस ली । वहीं बच्चे भी अपने घर पहुंचने को लेकर खुश नजर आए। उनके चेहरे पर अपने परिजनों से मिलने और घर पहुंचने की खुशी साफ झलक रही थी। जैजैपुर की योगिता साहू ने बताया कि रायपुर से जांजगीर लाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा अच्छी व्यवस्था की गई थी। यहां पहुंचने में उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई।