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जिला बाल संरक्षण इकाई ने चार बाल श्रमिकों को कराया मुक्त

जिला बाल संरक्षण इकाई ने चार बाल श्रमिकों को कराया मुक्त

जिला बाल संरक्षण इकाई ने चार बाल श्रमिकों को कराया मुक्त 
सूरजपुर-कलेक्टर रणबीर शर्मा के निर्देशन पर जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रवेश सिंह सिसोदिया के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण की टीम निरंतर अच्छा कार्य कर रही है। ग्रामीणों द्वारा जिला बाल संरक्षण अधिकारी को सूचना प्राप्त हुई कि नगर से लगे तिलसिवां में दो भवन में बाल मजदूर कार्यरत है। जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने जिसकी सूचना जिला कार्यक्रम अधिकारी को दी। जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री चन्द्रवेश सिंह सिसोदिया ने तत्काल कार्यवाही के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण इकाई, श्रम विभाग, पुलिस एवं चाईल्ड लाईन की संयुक्त टीम मौंके पर गई। शिकायत के आधार पर पाया कि कुछ नाबालिक काम कर रहे हैं। टीम को देखकर लेबर इधर-उधर भागने लगे। कुछ निर्माणाधीन भवन के कमरों में छुप गये थे। सभी को बुला कर उनका उम्र पूछा गया। पाॅच मजदूरों ने अपने आप को 18 वर्ष से कम बताया जिनका उम्र सत्यापन हेतु तत्काल गांव में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाईल्ड लाईन की टीम गई। पांच में से एक 18 वर्ष का, शेष चार नाबालिक निकले, चार बाल मजदूरों का उम्र क्रमशः 14 वर्ष, 15 वर्ष, एक 17 वर्षीय बालिका एवं एक 16 वर्षीय बालक निकला। सभी नाबालिकों को बाल कल्याण समिति सूरजपुर के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जहां से नाबालिकों को उनके परिजनों को समझाईस देकर उनके सुपुर्द कर दिया गया। संयुक्त टीम के कार्यवाही में जिला बाल संरक्षण अधिकारी मनोज जायसवाल, परामर्शदाता जैनेन्द्र दुबे, श्रम निरीक्षक डोलामणी मांझी, श्रम कल्याण अधिकारी रमेश साहू, पवन धीवर, चाईल्ड लाईन से गीता गिरी, रमेश साहू, पुलिस विभाग से जयप्रकाश तिवारी, ओमप्रकाश सिंह उपस्थित थे। कार्यवाही के समय ग्राम पंचायत तिलसिवां के सरपंच कामेश्वर सिंह नेताम उपस्थित रहे। उन्होंने मौंके पर कहा कि सभी ग्रामीणों को समझाईस दिया जाएगा और हमारे क्षेत्र में बाल श्रमिक से कार्य नहीं कराया जाएगा।

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