एफआईआर के संबंध में पूर्व सीएम का लिखित बयान जारी
25 मई 2021
एफआईआर के संबंध में पूर्व सीएम का लिखित बयान जारी
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
रायपुर - टूल किट विवाद में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डा.रमन सिंह से पूछताछ करने पुलिस उनके आवास पर पहुंची। पुलिस ने जिन बिंदुओ पर जवाब मांगा था , पूर्व सीएम ने उसका लिखित में जवाब दे दिया है। अपने लिखित बयान में उन्होंने कहा है कि मैं एक राष्ट्रीय राजनीतिक पार्टी का उपाध्यक्ष हूं एवं पंद्रह वर्षों तक छत्तीसगढ़ प्रदेश का मुख्यमंत्री रहा हूं। इस दौरान मैंने छत्तीसगढ़ पुलिस को बहुत ही सजगता एवं स्वच्छ छवि के साथ काम करते देखा है परंतु विगत 2 वर्षों से यह छवि धूमिल होती जा रही है। छत्तीसगढ़ पुलिस विगत वर्षों में अपने राजनीतिक आकाओं को प्रसन्न करने के लिये एक के बाद एक झूठी , राजनीतिक एवं व्यक्तिगत विद्वेष पूर्ण एफआईआर दर्ज कर रही है, जिस पर विभिन्न न्यायालयों द्वारा समय समय पर हस्तक्षेप कर रोक लगाई गई है। मैं एक जिम्मेदार नागरिक हूं एवं राजनीतिक जीवन निर्वहन करने के कारण भी मेरा यह दायित्व है कि राष्ट्रहित एवं जन सामान्य के हितों की रक्षा करूं। वर्तमान समय में जब देश कोविड-19 जैसी आपदा से जूझ रहा है तब कांग्रेस पार्टी ऐसी विपदा को भी अपने स्वार्थ एवं राजनीतिक हित के अवसर के रूप में प्रयोग करते हुये आम जनता को विभिन्न प्रकार से दिग्भ्रमित कर रही है। ऐसी राजनीतिक पार्टी जो सत्तर वर्षों तक राष्ट्र में सरकार चला रही थी का दायित्व है कि वह राजनीति से ऊपर उठकर जनसामान्य को आपदा से राहत दिलाने के लिए कार्य करें किंतु इसके सर्वथा विपरीत कांग्रेस पार्टी लोगों को दिग्भ्रमित करने के लिये सुनियोजित षड्यंत्र कर अपने कार्यकर्ताओं को भारत सरकार द्वारा चलाये जा रहे योजनाओं एवं कार्यक्रमों को बाधित एवं बदनाम करने के लिए निर्देशित कर रही है। उपरोक्त कृत्य अत्यंत दुखी एवं व्यथित होकर मेरे द्वारा आम जनता को सही तथ्य बताने के उद्देश्य से मेरा ट्विटर मैसेज दिनांक 18/05/2021 प्रसारित किया गया। संदेश का उद्देश्य सत्य को सामने लाना एवं जन सामान्य में उत्पन्न भ्रांति को दूर करना था। मेरे द्वारा किया गया ट्वीट राष्ट्र हित को ध्यान रखकर एवं जनता में जागरुकता कराने के उद्देश्य किया गया था जिस पर छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा एक बार फिर से सरकार के दबाव में आधारहीन एफआईआर लिखा गया है। पुलिस द्वारा दर्ज एफआईआर से प्रथम दृष्टिया कोई अपराधिक मामला प्रदर्शित नहीं होता है परंतु क्योंकि हम एक विधि को मानने वाले नागरिक हैं , अतः उपरोक्त संदर्भित नोटिस के माध्यम से आपके द्वारा पूछे गये प्रश्नों का उत्तर निम्नानुसार है -
उत्तर क्रमांक 01- मेरा ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट हैंडल @drramansingh है। उत्तर क्रमांक 02- मेरा ट्विटर पेज एवं उसमें पोस्ट किये गये मैसेज एवं कमैंट्स सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है एवं उसको आपके द्वारा कहीं से भी पढ़ा एवं देखा जा सकता है। मेरा ट्विटर अकाउंट में व्यक्तिगत जानकारियां हैं , अतः आपके द्वारा मेरे ट्विटर अकाउंट कि चाही गई एक्सेस विधिक एवं संवैधानिक प्रावधानों के उल्लंघन में हैं एवं उससे मेरे निजता के मौलिक अधिकारों का हनन होगा।
उत्तर क्रमांक 03- मेरे ट्विटर संदेश (ट्वीट) दिनांक 18/05/2021 में मेरे व्यक्तिगत विचारों के साथ संलग्र दस्तावेज ट्वीट0771-4281002
से हैं, सार्वजनिक रूप से (Public Domain) उपलब्ध होकर प्रसारित हो रहे थे। उत्तर क्रमांक 04- मेरे ट्विटर संदेश # "congresstoolkitexposed" से जुड़े जो भी संचार/संवाद हुये हैं वो सभी मेरे ट्विटर पेज पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है। मेरे द्वारा दिनांक 18 /5 / 2021 को किया गया संदर्भित Tweet मेरे विचारों की अभिव्यक्ति है। ऐसे समय में जब राष्ट्र कोविड-19 जैसे गंभीर महामारी से जूझ रहा है तब कांग्रेस पार्टी "Congress tool kit" के माध्यम से सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान चलाकर जनता को दिग्भ्रमित कर अराजकता फैलाने का दुष्कृत्य कर रही है। आधारहीन एफआईआर के माध्यम से मेरे अभिव्यक्ति के अधिकार और मेरी आवाज को दबाने का जो प्रयास किया जा रहा है वह निहायत ही असंवैधानिक एवं निंदनीय हैं। पुलिस द्वारा जल्दबाजी में दबाववश शिकायतकर्ता का कथन दर्ज किये बिना एवं उसके शिकायत की सत्यता को परखे बिना ही प्राथमिकी दर्ज कर लिया गया है एवं जिस प्रकार के प्रश्न मुझसे पूछे गये उससे प्रदर्शित होता है कि यह पूरी कार्यवाही कांग्रेस पार्टी के झूठे साब को बचाने के लिये पुलिस के शक्तियों का दुरुपयोग करके किया गया है। यह एफआईआर मुझे व्यक्तिगत रूप से प्रताड़ित कर डराने एवं मेरी आवाज को दबाकर राजनीतिक द्वेष से मेरी छवि को धूमिल करने के लिये की गई है।
बताते चलें कि सिविल लाइन थाने में पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज है। बीजेपी ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि कांग्रेस ‘टूलकिट’ का इस्तेमाल कर कोरोना वायरस संकट के वक्त फायदा उठाकर पीएम नरेंद्र मोदी की छवि को धूमिल कर रही है। विदेशी मीडिया में देश को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने इन आरोपों को फेक बताते हुये किसी भी तरह की टूलकिटके इस्तेमाल से इंकार किया है। रायपुर पुलिस इस मामले में पूर्व सीएम के आवास पहुंचकर चार सवालों पर पूछताछ की। प्रश्न 01- जिस अकाउंट की शिकायत मिली है क्या वो ट्विटर अकाउंट आपका है ? प्रश्न 02.-आपके ट्विटर अकाउंट का एक्सेस बतायें ? प्रश्न 03- आप को एआईसीसी रिसर्च प्रोजेक्ट व कांग्रेस का दस्तावेज कहां से मिला ? प्रश्न 04- कांग्रेस टूलकिट एक्सपोज्ड है। टैग का प्रयोग करते हुये आपके द्वारा अन्य आरोपियों (संबित पात्रा) से किये गये संचार-संवाद के संबंध में जानकारी ? इन सभी प्रश्नों के जवाब पूर्व मुख्यमंत्री ने लिखित में दिया है।