राशन दुकान में कम खाद्यान्न वितरण की शिकायत
03 मई 2021
राशन दुकान में कम खाद्यान्न वितरण की शिकायत
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
जांजगीर चांपा -- एक तो कोरोना संकटकाल में गरीब परिवार को किसी प्रकार का काम नहीं मिलने से वे भूखमरी की जिंदगी बिताने मजबूर हैं वहीं दूसरी ओर राशन दुकान में खाद्यान्न वितरण में अनियमितता की शिकायत मिली है। सरकार नियंत्रित जनवितरण प्रणाली की व्यवस्था में त्रिवेणी स्व-सहायता समूह रोगदा अपने उद्देश्य से भटक कर रह गयी है। इससे ग्रामवासियों में रोष व्याप्त है। वहीं सरपंच पति ने इस मामले में ग्रामवासियों के साथ बैठक कर सबकी सहमति से उचित कार्यवाही करने की बात कही है।
इस संबंध में मिली जानकारी के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ विकासखंड अन्तर्गत आने वाले ग्राम रोगदा में त्रिवेणी महिला स्व सहायता समूह द्वारा पीडीएस चांवल वितरण संचालित की जाती है। यहां पर राशन माफियाओं का अत्याचार अपनी चरम सीमा पर है। शासन की योजनाओं को ठेंगा दिखाते हुये यहां प्रति राशनकार्ड तीन से चार किलो चांवल और दो सौ ग्राम शक्कर कम देने की शिकायत सामने आयी है। इस बात की भनक लगते ही जब ग्रामीणों ने दूसरे दुकानों में जाकर चांवल का वजन कराया तो चांवल घोटाले की बात सही निकली। जब कुछ हितग्राहियों ने पुन: समूह में जाकर हल्ला मचाया तो उनके द्वारा उनको कम हुआ चांवल फिर से तौलकर दिया गया। बताते चलें कि वैश्विक महामारी कोरोना संकटकाल में अनाज की कमी से निजात दिलाने
छत्तीसगढ़ शासन इस बार मई और जून दो महीने का चांवल , शक्कर एक साथ दे रही है। फिर भी लोगों के पेट में लात मारने का सिलसिला जारी है। सरकारी मापदंड के अनुसार चावल व शक्कर कम दिया जा रहा है जिससे आपूर्ति विभाग पर सबालिया निशान खड़ा हो रहा है। यहां राशन वितरण हेतु अधिकृत माफिया गरीब जनता की भूख ना मिटाकर अपनी तिजोरी भरने में लगा हुआ है। इससे क्षुब्ध होकर हितग्राहियों ने समूह पर कार्यवाही कर उन्हें हटाने की मांग की है। वहीं इस संदर्भ में पूछे जाने पर त्रिवेणी स्व-सहायता समूह की अध्यक्षा सरस्वती साहू ने अरविन्द तिवारी को बताया कि कांटे की खराबी के कारण जिन हितग्राहियों को कम राशन मिला था , उन्हें फिर से तौलकर सही वजन का चांवल दिया गया है। इसके अलावा और जिन जिन हितग्राहियों को कम चांवल मिला है उन्हें भी अतिरिक्त चांवल दे दिया जायेगा। गौरतलब है कि इसके पहले भी यहां सरकारी निर्धारित मूल्यों से अधिक दाम लेने का आरोप लग चुका है। प्रशासन के ढीले रवैये के कारण राशन माफियाओं का हौसला बुलंद है। प्रशासनिक अधिकारी इस समूह पर कार्यवाही करते हैं या लीपापोती कर इस मामले को ठंडे बस्ते में डालते हैं ये तो आने वाला समय ही बतायेगा।