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. 🏹 *निष्पक्ष वार्ता* ✍🏻==(आलेख :– *सुनील भारद्वाज* की कलम से)

. 🏹 *निष्पक्ष वार्ता* ✍🏻==(आलेख :– *सुनील भारद्वाज* की कलम से)

. 🏹 *निष्पक्ष वार्ता* ✍🏻
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(आलेख :– *सुनील भारद्वाज* की कलम से)
_*हमारी हर एक सोच हमारे आने वाले कल का निर्माण करती है।*_

आज का हमारा 'भय' कल का 'मातम' है,
और आज का हमारा "आनंद" कल का "जश्न" ।

आज की हमारी "निरंकुशता" कल की "गुलामी" है, 
तो आज का हमारा "संघर्ष" कल का "इतिहास"।

विश्व का श्रेष्ठ संविधान पा कर भी आज हम उसका समुचित लाभ नहीं ले पा रहे हैं तो यह हमारी ही संवैधानिक अज्ञानता का ही प्रदर्शन है ना कि हमारी सजगता का प्रतीक ।

आज हम "संविधानवाद" को छोड़कर "किसी अन्य वाद" की ओर अग्रसर हैं जो कि संविधान के प्रति हमारी अज्ञानता को दर्शाता है ।

जबकि वर्तमान में संविधान से बढ़ाकर और कोई अस्त्र, शस्त्र और शास्त्र नहीं है जो हमें हमारा अधिकार दिला सके, सम्मान दिला सके, सुरक्षा कर सके और सत्ता दिला सके । फिर भी अपने देश के संविधान के प्रति हमारी अपनी नज़रिया संतोषजनक नहीं है। 

हम भारत के लोगों के लिए यह एक बड़ा सवाल है कि हम अपने संविधान का ठीक ठीक पालन कब तक करा पाएंगे और अपने संवैधानिक अधिकारों का पूरा पूरा लाभ ले पाएंगे ।

हमारा चुनाव ही तय करेगा कि अपने भविष्य का निर्माण हम किस रूप में करना चाहते हैं।
*संविधानवाद* या कोई "अन्य वाद" ❓❓❓

सदस्य, भारतीय संविधान प्रचारिणी सभा, भारत
7000150900

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