गायत्री परिवार कोरोना के उपचार के लिए यज्ञ एवं मन्त्र का प्रयोग कर अंधविश्वास को बढ़ावा दे रहेदेशवासियो को मुर्ख बना रहे है, गायत्री परिवार द्वारा हो रहा अनैतिक कार्य-प्रधान संपादक
03 मई 2021
गायत्री परिवार कोरोना के उपचार के लिए यज्ञ एवं मन्त्र का प्रयोग कर अंधविश्वास को बढ़ावा दे रहे
देशवासियो को मुर्ख बना रहे है, गायत्री परिवार द्वारा हो रहा अनैतिक कार्य-
प्रधान संपादक
आगे पढ़िए कैसे मुर्ख बनाया जा रहा है ---
रिपोर्ट -नितिन जायसवाल
कोरोना जैसे जानलेवा वायरस और ऐसे कई दूसरे संक्रामक रोगों से बचने का एक मात्र उपाय यज्ञ हैं। जड़ी बूटियों और शुद्ध सामग्रियों के साथ विशिष्ट मंत्रों के साथ यदि यज्ञ संपन्न कराए जाएं तो इस वारयस का दुष्प्रभाव से बचा जा सकता है। ज्ञानोदय कालोनी, हिरमी, मोहरा में घर - घर एक कुंडीय गायत्री यज्ञ संपन्न कराया गया। इसमें कोरोना वायरस जैसी विभिषिका को खत्म करने के लिए विशेष मंत्रों के साथ यज्ञ में आहुतियां समर्पित की गईं।
यज्ञ का महत्व हमेशा से बताता रहा गायत्री परिवार
ध्यान रहे गायत्री परिवार पूजा अर्चना के साथ यज्ञ का महत्व हमेशा से बताता रहा है। जिले में पिछले कई वर्षों से गायत्री शक्तिपीठ और चेतना केंद्र हजारों घरों में यज्ञ का आयोजन कर रहा है।
गृहे-गृहे गायत्री महायज्ञ का एक विशेष अभियान भी गायत्री परिवार चला रहा है जिसमें शहर और गांवों में एक साथ सभी घरों में यज्ञ कराए जाते हैं। यज्ञ में विशेष जड़ी बूटियों के साथ आहुतियां समर्पित की जाती है। इससे प्रदूषित वातावरण को साफ करने में मदद मिलती है।
गृहे-गृहे गायत्री महायज्ञ के प्रभारी बुध्देश्वर ध्रुव ने बताया कि गायत्री परिवार का हर घर में यज्ञ कराने के पीछे मुख्य उद्देश्य भी यही है।
गायत्री परिवार यज्ञ के महत्व को पर्यावरण को संरक्षित करने के साथ वातवारण मेे फैले विनाशकारी जीवाणुओं को भी खत्म करने का संदेश और महत्व बताता रहा है। भारतीय संस्कृति की वैदिक ऋचाएं कितनी सशक्त रहीं हैं, यह किसी से छिपा नहीं है।
हमारे धर्म ग्रंथों में बड़े से बड़े संकट का उपचार छिपा है और प्राचीन चारों वेदों पर दुनिया में वैज्ञानिक शोध भी कर रहे हैं। भारतीय प्राचीन संस्कृति में हवन, यज्ञ और मंत्रों से ही कष्टों का निवारण होता रहा है, इससे स्पष्ट है कि किसी भी बड़े संकट को वैदिक उपचार से भी दूर करने का प्रयास किया जा सकता है।
इस बात को दृष्टिगत रखते हुए गायत्री परिवार भी देश-दुनिया के लिए संकट बने कोरोना जैसी महामारी से निपटने के लिए 3 मई को दुनिया के दस लाख घरों में एक साथ यज्ञ में आहुतियां दी ।