खरोरा। वि.ख.तिल्दा अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल घिंवरा में पदस्थ सी.पी.ढीढी (व्याख्याता) विज्ञान व्दारा स्मार्ट आनलाईन क्लास का नियमित संचालन किया जा रहा है। जिसमें बालोद, दूर्ग, गरियाबंद, कबीरधाम, मुंगेली, रायपुर तथा राजनांदगांव जिला से छात्र-छात्राएँ शामिल होकर पढ़ाई का लाभ उठा रहे है। समस्त छात्र-छात्राओँ के कक्षा 10वीं, विज्ञान का प्रायोजना कार्य पूर्ण करा चूके है। वर्तमान में प्रति दिन नया-नया प्रायोगिक कार्य कंप्यूटर स्क्रीन शेयर कर समझाते हुए लिखवा भी रहे है। समझाये गये प्रायोगिक कार्य को घरेलु समग्री से घर पर करने के लिए गृह कार्य भी दे रहे है। एसे में बच्चे अपने घर को प्रयोगशाला बनाकर प्रयोग कर रहे है जिसमें उनके माता-पिता भी आवश्यक सामाग्री जुटाने में भरपूर सहयोग करते हुए विज्ञान सहायक की भूमिका निभा रहे है। जैसे- वातावरण में कार्बन डाई आक्साईड की माप के लिए पिचकारी, प्रकाश संश्लेषण क्रिया के लिए करमता भाजी, परावर्तन के नियम के लिए घरेलु दर्पण, अगरबत्ती, आटा आदि तरह-तरह से बच्चों कों सलाह देकर प्रयोग कार्य पूरा करने में उनकी मदद रहे है। निश्चित ही बच्चे व माता-पिता दोनो इस कोरोनाकाल में विज्ञान के तथ्यों को वास्तविक रूप से समझकर अपना ज्ञान बढ़ा रहे है।
एसआई निरज पटेल की घर वापसी पर लिबरा में उमड़ा जनसैलाब, ऐतिहासिक स्वागत लिबरा में एसआई निरज पटेल का भव्य स्वागत, कर्मा पार्टी की धुनों से गूंजा गांव
संवाददाता – संतोष कुमार चौहान साइंस वाणी न्यूज़, लैलूंगा (रायगढ़) लैलूंगा (रायगढ़)। रायगढ़ जिले के विकासखंड लैलूंगा अंतर्गत ग्राम लिबरा में उस समय उत्सव जैसा माहौल बन गया, जब गांव के निवासी निरज पटेल (पम्मी), जो कि जंगल गांव निवासी जीवन पटेल के सुपुत्र हैं, सब इंस्पेक्टर (SI) की ट्रेनिंग पूर्ण कर अपने गृह ग्राम लौटे। उनकी इस सफलता से पूरे गांव में खुशी और गर्व की लहर दौड़ गई। निरज पटेल के स्वागत के लिए न्यू लिबरा से लेकर मुख्य बस्ती तक भव्य स्वागत कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कर्मा पार्टी, कीर्तन मंडली, डीजे, ढोल-नगाड़े और बाजे-गाजे के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। कर्मा नृत्य और पारंपरिक धुनों पर लोग झूमते नजर आए। पूरे क्षेत्र में जगह-जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा कर, फूल मालाएं पहनाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के दौरान निरज पटेल ने सबसे पहले गांव के देव स्थल पर पहुंचकर पूजा-अर्चना की और अपनी सफलता का श्रेय ईश्वर को अर्पित किया। यह क्षण सभी के लिए भावनात्मक और प्रेरणादायक रहा। इसके बाद वे अपने घर पहुंचे, जहां परिवारजनों ने परंप...

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