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धर्म के धंधे बाज ने बोला *बिना पंख के बंदर उड़ गया .*   ◆ हमने मान लिया

धर्म के धंधे बाज ने बोला *बिना पंख के बंदर उड़ गया .* ◆ हमने मान लिया

 👉🏻 धर्म के धंधे बाज ने बोला *बिना पंख के बंदर उड़ गया .*

 ◆ हमने मान लिया


संकलन -सुशील कुमार कठेरिया

राष्ट्रीय अध्यक्ष

किसान सेना रिपब्लिक पार्टी

मो 9919353301



👉🏻 धर्म के धंधे बाज ने बोला *बन्दर ने उड़कर आग के विशाल गोले (सूर्य )को निगल लिया*

◆ हमने बोला हां ठीक है।

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला *पृथ्वी गाय के सिंग पर टिकी है*

◆ हमने बोला हां ठीक है...|

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला *पृथ्वी शेषनाग के फन पर टिकी है*

◆हमने बोला हां ठीक है...|

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला, *ब्राम्हण ब्रम्हा के मुँह से निकला है, इसलिए श्रेष्ठ है*

◆ हमने कहा ठीक है...।

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला, *शुद्र ब्रम्हा के पैर से पैदा हुये है*

◆ हमने मान लिया...।

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला, *सीताजी खेत में हल चलाते समय जमीन से निकल आयी*

◆ हमनें यह भी मान लिया...|

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला, *हनुमान कान से पैदा हो गए*

◆ हमनें यह भी मान लिया...।

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला, *श्रृंगी ऋषि हिरनी से पैदा हो गए*

◆ हमने यह भी मान लिया.

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला, *मकरध्वज मछली से पैदा हुआ*

◆ मैंने यह भी मान लिया.

👉🏻 धर्म के धंधेबाज नें बोला, *हिरण्याक्ष पृथ्वी को उठाकर समुद्र में घुस गया*

◆हमने यह भी मान लिया.

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला, *विष्णू ने वराह (सुवर)का अवतार धारण कर पृथ्वी को हिरण्याक्ष से छुड़ा लिया*

◆ हमने यह भी मान लिया.


👉🏻 *धर्म के धंधेबाज ने बंदरो से पत्थर तैराकर समुद्र में पूल बनवा दिया*

◆ हमने वह भी मान लिया.

👉🏻 *धर्म के धंधेबाज ने जिस शेषनाग के फन पर पृथ्वी टिकी थी, उसी सांप को रस्सी बनाकर समुद्रमंथन करा दिया*

◆ हमने वह भी मान लिया.

👉🏻 *धर्म के धंधेबाजों ने एक महान से सोने (धातु) की लंका (पूरा नगर) को जलवा दिया*

◆ हमने वह भी मान लिया.

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला, *ब्रम्हा के मुख से पैदा हुआ ब्राम्हण ही सर्वेसर्वा भूदेव है*

◆ हमने मान लिया.

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला, *यह पूरी दुनियाँ एक ईश्वर चलाता है, जो खुद ब्राम्हणों के कहने पर चलता है*

◆ हमने फिर भी मान लिया.

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला, *यहां के हर पत्थर में भगवान है*

◆ हम आजतक उसे भी मानते रहे हैं.... 

👉🏻 धर्म के धंधेबाज ने बोला, *तुम ब्रम्हा के पैरों से पैदा हुये हो इसलिए तुम्हे कोई भी अधिकार नहीं हैं*

◆ मैंने वह भी मान लिया...।

★

*ऐसे और भी हजारों, ऐसे तथ्य है जिन्हें धंधेबाजों ने हमें मानने पर मजबूर किया और हमने चाहे, न चाहे मान लिया....।*


*आखिर क्यों ...?*


*क्योंकि, तुमने हमारे सोचने-समझने-जानने की ताकत (शिक्षा) तर्क, बुद्धि और विज्ञान छीनकर हमें अँधा बनाकर अपाहिज बना दिया था...।*


*पर आज हमारी आँखें खुल चूकी हैं*

*हमारे पास आज ताकत है, ''महात्मा फुले, साहू जी, पेरियार रामास्वामी, अम्बेडकरी विचारधारा की और सिद्धांतों के कलम के ताकत की, जिसमे स्याही भरी है इन्ही महापुरुषों के तर्क, बुद्धि, विवेक और विज्ञान की...।*


*और आज हमारे पास ताकत है, बाबासाहब डाॅ. भीमराव अंबेडकर के संविधान की जिसमे अपार क्षमता है महाकारुणिक तथागत बुद्ध के प्राकृतिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण की.*

यह जो मै बोल रहा हूँ, संविधान की देन है,संविधान द्वारा प्रदत अधिकार की देन है..... 

इसलिये, आज मैं इन काल्पनिकताओं को मानने के बजाय जानना चाहता हूँं, 

👉🏻 *_इन सभी का सच...!_*👈🏻


और, पूँछना चाहता हूं एक मात्र तार्किक सवाल....???


*''कि आजतक जो धर्म के धंधेबाज ने हमे बताया आखिर वह सब होता कैसे था...?''*

*''और, वह सब आज क्यों नही कर पा रहे हो...?...*


*तो फिर, करिए न मंत्र जाप...*

*और, दिखाइए न ऐसे चमत्कार जो बड़े-बड़े ब्राह्मण ग्रंथो में ठूँस-ठूँस कर भरे हुए है...।*

 *अपने मंत्रों से कोरोना को क्यों नहीं भष्म कर दिये*

   कोरोना ने सिद्ध कर दिया है कि कोई भगवान ,खुदा ,गाँड नही है क्यों कि उस समय सभी मंदिर मस्जिद चर्च बंद करा दिये गये थे.


_*अब मूर्खता, पाखंड, अंधविश्वास के लिए यहां कोई भी जगह नहीं है...।*_


*क्योंकि, यह कोई रामराज,ब्रह्मा, यमराज और धर्मराज का राज नही...,*

*_''बल्कि, अत्याधुनिक तर्क, बुद्धि, विवेक और विज्ञान से लैस वैज्ञानिक इक्कीसवी सदी के विज्ञान का राज!


     * *जय भारत जय विज्ञान**

             **जय संविधान*

सुशील कुमार कठेरिया

राष्ट्रीय अध्यक्ष

किसान सेना रिपब्लिक पार्टी

मो 9919353301

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