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अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहीं शिक्षक विधवाएं:

अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहीं शिक्षक विधवाएं:

 अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहीं शिक्षक विधवाएं:




रायपुर में सड़क पर गंदगी, बदबू और कीचड़ में बिता रहीं रात; बोलीं- चुनाव से पहले वादा, सरकार बनी तो भूले, जैसी योग्यता, वैसी नौकरी दें।

ये विधवा महिलाएं सरकार से नौकरी मांग रहीं हैं।

'जब पति जिंदा थे, बच्चों की हर ख्वाहिश पूरी करते थे। आज मैं उन्हें पढ़ने तक नहीं भेज पा रही। कमाने वाला कोई नहीं है। मजदूरी करके बस खाने के लिए राशन ही खरीद पाते हैं। हमें अनुकम्पा नियुक्ति दी जानी थी, लेकिन अब तक नहीं मिली। कम से कम नौकरी मिल जाती तो कुछ सहारा मिलता। हमारी कोई सुन नहीं रहा...।' यह तकलीफ भैरमगढ़ से आई उमा नेताम की है अपनी जिंदगी का सच बताते हुए उमा का गला भर आया। उमा जैसी ही कई विधवा महिलाएं दो दिनों से रायपुर में धरना दे रही हैं। यही खुले आसमान के नीचे, कीचड़, गंदगी और बदबू में रात बिता रही हैं।

इन सभी महिलाओं के पति प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पंचायत शिक्षक थे। पंचायतों के स्कूल में बच्चों को पढ़ाते थे। किसी की बीमारी तो किसी की हादसे में मौत हो गई। अब पिछले 3-4 सालों से ये महिलाएं पति की मौत के बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग लेकर दर-दर भटक रही हैं। चुनाव से पहले कांग्रेस नेताओं ने इनकी मांग पूरी करने का वादा किया था। ढाई साल बीत गए अब भी इनकी मांग नहीं मानी गई। इसलिए अब रायपुर में धरना स्थल के पेड़ के नीचे धरना देने की मजबूरी है।महिलाओं के साथ उनके बच्चे भी पहुंचे हैं।

बूढ़े-बीमार सास-ससुर का जिम्मा, हमारी तकलीफ कोई तो समझे

जांजगीर से आई अश्वनी सोनवानी के पति पंचायत शिक्षक थे। साल 2017 में पति की हार्ट अटैक से मौत हो गई। अब दो बच्चे हैं ससुर को लकवा मार गया है। लोगों से उधार रुपए लेकर बुजुर्ग ससुर का इलाज करवा रही हैं। ट्रीटमेंट के लिए पैसे नहीं होते हैं। 17 साल की बैटी ने 10वीं में टॉप किया था। मगर अब उसे आगे पैसों की तंगी की वजह से पढ़ा नहीं पा रहीं। अश्वनी ने बताया कि जिन शिक्षकों का संविलियन हुआ उनके परिवार को सरकार ने अनुकम्पा नियुक्ति दे दी, हमारे पति भी तो पढ़ाते थे। हमें क्यों परेशान किया जा रहा है हमारी तकलीफ कोई नहीं समझ रहा।

क्वालिफिकेशन के नियम का दबाव 

दिवंगत शिक्षकों की पत्नियां 12वीं पास हैं, किसी ने बीएड भी किया है। अब इन्हें टीजर एजिबिलिटी टेस्ट, D.ED के बिना अनुकम्पा नियुक्ति न दिए जाने का नियम बताया जा रहा है। दिवंगत पंचायत शिक्षक अनुकम्ना संघ की अध्यक्ष माधुरी मृगे ने बताया कि चुनाव के समय कांग्रेस के बड़े नेताओं ने कहा था कि सरकार बनने के बाद नियमों को शिथिल करेंगे। आपको नौकरी मिलेगी। माधुरी ने कहा कि हमारे साथ जो हुआ अचानक हुआ, कोई तैयारी तो नहीं करता है न कि पति मरे तो मैं पहले से ही सारे कोर्स कर लूं। अब परिवार में पैसे नहीं कि हम कोर्स करें। हम चाहते हैं कि जिसकी जैसी योग्यता है उसे वैसा रोजगार सरकार दे दे।

 *साइंस वाणी न्यूज से*

 *जिला ब्यूरो चीफ*गणेशदत्त *राजू तिवारी*।

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