भारत का पहली संघी जासूस : आरएसएस का प्रतिष्ठाता हेडगेवार, ब्रिटिश का जासूस..
भारत का पहली संघी जासूस : आरएसएस का प्रतिष्ठाता हेडगेवार, ब्रिटिश का जासूस..
संकलन -सुशील कुमार कठेरिया
राष्ट्रीय अध्यक्ष
किसान सेना रिपब्लिक पार्टी
मो 9919353301
◆ पंडित नेहरुजी को ब्रिटिश ने 14 अप्रैल 1930 को गिरफ्तार कर इलाहाबाद जेल में रखा..शायद जुलाई 1930 में हेडगेवार को ब्रिटिश ने गिरफ्तार किया..ये फ़र्ज़ी गिरफ्तारी थी..हेडगेवार को जेल में कांग्रेस के नेताओ की मुखबिरी के लिए ब्रिटिश ने फ़र्ज़ी गिरफ्तारी दिखाई थी..
◆ एक पुलिस ऑफीसर जो कांग्रेस का समर्थक था उसे पता चला कि हेडगेवार को नेहरुजी की बैरक में रखा जाएगा ताकि हेडगेवार नेहरुजी की मुखबीरी कर सके..
◆ उस पुलिस ऑफिसर ने ये बात श्री मोतीलाल नेहरुजी तक पहुंचा दी थी..मोतीलालजी ने जवाहरलालजी को संदेश भिजवाया था कि बच कर रहना..ब्रिटिश का मुखबिर हेडगेवार तुम्हारी बैरक में आने वाला है..नेहरुजी सावधान हो गए थे..
★★ हेडगेवार की मुखबिरी की दास्तान उसके जीवनीकार C. P. Bhisikar ने भी लिखी है..Bhisikar लिखता है कि हेडगेवार के जेल जाने का उद्देश्य था कांग्रेस को तोड़ना..उस वक्त जेल में कांग्रेस के बड़े नेता बन्द थे..हेडगेवार चाहता था कि या तो कांग्रेस के नेता आरएसएस जॉइन कर ले या फिर कांग्रेस की रणनीति पता कि जाए ताकि ब्रिटिश को बताया जा सके..
◆ हेडगेवार की जासूसी/मुखबिरी की परंपरा के कारण देश ने भगतसिंह, आज़ाद और बड़े क्रांतिकारीओ को खो दिया..सावरकर, श्यामाप्रसाद, अटल की मुखबिरी और जासूसी के किस्से तो सबको मालूम है..
★★ सावरकर को ब्रिटिश की मुखबिरी के लिए 1 अगस्त 1929 से 60₹/महीना पेंशन मिलती थी..और श्यामाप्रसाद को मुखबिरी का इनाम जिन्नाह के बंगाल मंत्रिमंडल में उपमुख्यमंत्री का पद मिला था..
★★ गांधीजी की हत्या के लिए भी "हिन्दू राष्ट्र दल" नामक एक जासूसी गैंग बनाया गया था..गोडसे गैंग सावरकर के नेतृत्व में रेकी करते थे, जासूसी करते थे..अंत मे पूरे विश्व ने गांधी हत्या का दंश झेला..
आज मोदी की जासूसी बहुत ऊपर लेवल की है..अब जासूसी कर देश को बेचा जा रहा है..जासूस की औलादे जासूसी ही करेगी..गद्दारी इनके डीएनए में है..
*#krishnaniyerजी*
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