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जिसका जिंदगी का मकसद होता है, वह विपरीत परिस्थिति आने पर भी विचलित नहीं होता है  कविता के कुछ लाईन से..  बताना चाहता हूँ..

जिसका जिंदगी का मकसद होता है, वह विपरीत परिस्थिति आने पर भी विचलित नहीं होता है कविता के कुछ लाईन से.. बताना चाहता हूँ..

 जिसका जिंदगी का मकसद होता है, वह विपरीत परिस्थिति आने पर भी विचलित नहीं होता है

कविता के कुछ लाईन से..

बताना चाहता हूँ..



जीने की तमन्ना नहीं फिर भी जीना चाहता हूं


 जीने की तमन्ना नहीं फिर भी जीना चाहता हूं

 जीने का एक कारण है

 वह मेरा मकसद

 जिसके लिए जीना चाहता हूं


 जिंदगी सूखे पत्ते की तरह

 रेगिस्तान बन गया है जिंदगी

 जिसके कारण मरना चाहता हूं


 लेकिन एक मकसद है मेरा

 जिसके लिए अब जीना चाहता हूं



 मकसद नहीं होता तो आज मर गया होता मैं

 जिंदा आपके सामने आज नहीं होता मैं



 धन्यवाद मेरा मकसद

 आपके सहारे आज मैं जिंदा हूं

 मरना तो चाहता था लेकिन अब आपके लिए जीना चाहता हूँ


मकसद पूरा करने का सफर करने लगा हूं


 मेरे मकसद के कारण आज पहले से बेहतर जीने लगा हूं


 ना जाने कब मैं मर गया होता

 मकसद के कारण आज भी जीने लगा हूं


 मकसद के कारण आज भी जीने लगा हूं



जीने की तमन्ना नहीं फिर भी जीना चाहता हूं

 जीने का एक कारण है

 वह मेरा मकसद

 जिसके लिए जीना चाहता हूं



चुन्नू राम बंजारे

M.9301632135

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